राजधानी की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के मानसिक रोग विभाग में मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अमेठी से सांसद राहुल गांधी का ओपीडी कार्ड बनवाया गया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्र ने यह कार्ड बनवाया। उन्होंने कहा कि राहुल ने जेएनयू मामले में जो रुख अपनाया है उससे लगता है कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रविरोध और अलगवाद का समर्थन करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ हजरतगंज थाने में तहरीर भी दी।
पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर के मामले की जांच भी शुरू कर दी है। भाजयुमो ने राहुल गांधी और वामपंथ की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाल कर दहन हजरतगंज चौराहे पर किया।
केजीएमयू के सिस्टम पर लगा सवालिया निशान
केजीएमयू में मरीज का ओपीडी कार्ड कई तरह की जानकारियों को एक फॉरमेट पर डालने के बाद बनता है। बनने के बाद जो कार्ड मिलता है, उस पर एक बारकोड होता है।
इस बारकोड के जरिये मरीज का पूरा डेटा केजीएमयू के सिस्टम पर चेक किया जा सकता है। इस कार्ड में मरीज का नाम राहुल गांधी, पिता का नाम श्री राजीव गांधी,पता तुगलकाबाद ,रायबरेली उत्तर प्रदेश, उम्र 45 साल, ब्लड ग्रुप अज्ञात दर्ज किया गया है।
मगर राहुल गांधी और पिता का नाम राजीव गांधी स्पष्ट होने के बावजूद ये कार्ड किस तरह से बन गया, इससे केजीएमयू के सिस्टम पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
देश विरोध की तहरीर पर एसआई करेंगे जांच
हजरतगंज थाना प्रभारी ने मामले में एनसीआर दर्ज कर जांच की दारुलशफा चौकी प्रभारी सत्यवीर सिंह को सौंपी है। अन्य कोई जानकारी देने से उन्होंने इन्कार कर दिया।
इस पर केजीएमयू के कुलपति प्रो. रविकांत का कहना है 'जिस क्लर्क ने ये ओपीडी कार्ड बनाया है, उसको बर्खास्त किया जाएगा। अगर किसी चिकित्सक की गलती पाई गई तो उसका भी निलंबन किया जाएगा। केजीएमयू देश के सभी नेताओं का सम्मान करता है, चाहें वे किसी भी पार्टी के क्यों न हों। ये निंदनीय कृत्य है।'