प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अति पिछड़ा अति दलित रैली में प्रदेश सरकार पर जमकर गुस्सा निकाला। कहा, सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लखनऊ से दिल्ली पंचायत तक गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसका गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में गरीबों ने भाजपा को मजा चखा दिया।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की ओर से जीआईसी परिसर में रविवार को मंडलस्तरीय अति पिछड़ा, अति दलित भागीदारी रैली आयोजित की गई। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया लेकिन भ्रष्टाचार कायम है। यही कारण है कि राशन कार्ड के लिए, पेंशन के लिए, आवास के लिए रुपये देने पड़ रहे हैं। हर विधायक को गरीबों की दवा के नाम पर साल में 25 लाख, गरीबों के लिए 100 हैंडपंप, सवा सौ करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए मिलते हैं लेकिन कहीं उसका असर नहीं दिख रहा है।
भाजपा, समेत सभी राजनीतिक दलों का हो बहिष्कार
राजभर ने समाज के लोगों से भाजपा, सपा, कांग्रेस, बसपा समेत सभी राजनीतिक दलों के बहिष्कार करने का आह्वान किया। कहा, 70 साल में भी अति पिछड़े और अति दलितों को हक नहीं मिला। इसी हक के लिए मैं सरकार में रहते हुए भी अंदर लड़ रहा हूं। आप लोग हक की लड़ाई बाहर लड़ें। कहा, सत्ता के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए नेता बना हूं।
मंत्री रहूं न रहूं, मेरी आवाज कोई दबा नहीं सकता। समर्थकों से कहा कि लोकसभा चुनाव आ रहा है। तमाम पार्टियां आपको इस्तेमाल करेंगी। बसों में चाय-पकौड़े खिलाते हुए रैली में ले जाएंगी, लेकिन बेटा-बेटी की कसम मत जाना। वे सिर्फ वोट के सौदागर हैं जो एक धोती देकर आपको ठगते हैं।
कैबिनेट मंत्री राजभर ने कहा कि गरीबों के उत्थान के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की गई। लेकिन इसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिला। इसके लिए तीन स्तर पर बंटवारा किया जाए जिसमें पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा इसी प्रकार दलित, अति दलित और सर्वाधिक दलित को संख्या के हिसाब से आरक्षण दिया जाए, जिसमें सामान्य जाति के लोग भी लाभान्वित होंगे।
सरकार में सब कुछ ठीक नहीं
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हो या केंद्र सरकार, योजनाओं का प्रस्ताव दो तो कहते हैं कि रुपये नहीं हैं। दिव्यांगजन के लिए प्रदेश में महज 15 विद्यालय हैं। इसे मंडलस्तर पर खोलने का प्रस्ताव दिया, तो बजट नहीं होने की बात कही गई। आज गन्ना किसानों के लिए भी सरकार के पास बजट नहीं है। प्रदेश में 47 मंत्री हैं लेकिन सब रोना रो रहे हैं। इससे काम नहीं चलेगा। सरकार को हक देना ही होगा।
भाजपा बताए हम गठबंधन में रहे या नहीं
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के नौवें प्रत्याशी की राह मुश्किलों से खाली नहीं लग रही है। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के रुख में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा, मौजूदा हालात में नहीं लगता कि भाजपा हमें गठबंधन में साथ रखना चाहती है। मौजूदा स्थिति पर विचार तो भाजपा को ही करना है।
राजभर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की तमाम सीटों पर भाजपा हमारे कारण चुनाव जीती। निकाय चुनाव में हमें पूछा तक नहीं। ऐन वक्त पर कह दिया कि अकेले ही लड़ लो। लोकसभा उपचुनाव में भी हमसे कोई सहयोग नहीं मांगा। जबकि, गोरखपुर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, भाजपा प्रत्याशी को काफी वोट दिला सकती थी। फूलपुर में भी चुनाव प्रचार के दौरान हमारा कोई कार्यक्रम नहीं लगाया।
उन्होने कहा, राज्यसभा के चुनाव 23 मार्च को होने हैं और अभी तक भाजपा ने हमसे वोट नहीं मांगा है। क्या हमें खुद उनके पास जाकर कहना चाहिए कि हम आपको वोट देंगे ? टिकट तय करने में भी हमसे कोई परामर्श नहीं लिया। क्या उनकी पार्टी के विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे? इस सवाल के जवाब में राजभर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मतदान को लेकर हमारी पार्टी ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। कहा कि वर्तमान में दलित और पिछड़ों की लगातार उपेक्षा की जा रही है।