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लखनऊ में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर दो नामांकन, मुकाबला सपा और भाजपा में

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राजधानी में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का मुकाबला अब सपा और भाजपा के बीच होगा। शनिवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान गहमागमी के बीच कुल 25 सदस्यों में सिर्फ इन्हीं दोनों दलों के एक-एक प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया है।
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नामांकन पत्र जांच में सही पाए गए हैं। अब 29 जून को नाम वापसी की तारीख है और मतदान तीन जुलाई को होगा। दोनों प्रत्याशी शनिवार को दल-बल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कक्ष संख्या -19 को नामांकन कक्ष बनाया गया था।
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने प्रत्याशियों से उनके पत्र प्राप्त किए। सबसे पहले सपा प्रत्याशी और मोहनलालगंज से विधायक अम्बरीष पुष्कर की पत्नी विजय लक्ष्मी नामांकन करने पहुंचीं।
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वार्ड संख्या 18 से सदस्य विजय लक्ष्मी नामांकन पत्र दाखिल करने के कुछ देर बाद फिर से नामांकन पत्र दाखिल करने आईं। उन्होंने कुल चार सेट दाखिल किए।
उनके नाम का प्रस्ताव अलग-अलग सेट में माल निवासी सदस्य पलक रावत, मोहनलालगंज के अरुण कुमार, बाहरगांव बीकेटी के महेश प्रसाद व रहीमनगर पड़ियाना, सरोजनीनगर के कैप्टन यादव ने किया।
वहीं, वार्ड नंबर 25 से सदस्य भाजपा प्रत्याशी आरती रावत ने दो सेट नामांकन पत्र दाखिल किए। आरती के नाम का प्रस्ताव अलग-अलग सेट में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव व बीबीपुर, बीकेटी की अनीता ने किया।
वहीं अनुमोदक पिपरसंड, सरोजनीनगर से किरन सिंह व अनैया, खरगापुर गोसाईगंज से अमरेंद्र कुमार थे। दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्रों की जांच की गई। नामांकन पत्र सही पाए गए।
सुरक्षा घेरे के बीच समर्थकों की नारेबाजी से गूंजा कलेक्ट्रेट परिसर
प्रशासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर नामांकन के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को चौतरफा सुरक्षा घेरा बनाया था। सपा, भाजपा प्रत्याशी इसी घेरे के बीच से कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए समर्थकों के साथ अलग-अलग पहुंचे। हालांकि उनके साथ आई समर्थकों की भीड़ को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया गया। अंदर सिर्फ पार्टी के बड़े नेता और प्रस्तावक, अनुमोदक व कुछ प्रमुख समर्थक ही गए। भाजपा प्रत्याशी आरती रावत का नामांकन कराने कानून मंत्री बृजेश पाठक, मंत्री स्वाति सिंह, सांसद कौशल किशोर व जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण लोधी के साथ ही कई पार्षद व जिले के पदाधिकारी समर्थकों के काफिले के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। समर्थकों ने जोश में नारे लगाए। मंत्रियों की मौजूदगी में आरती रावत ने नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं, सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी पुष्कर जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत, विधायक अम्बरीष पुष्कर, जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान, नगर अध्यक्ष सुशील दीक्षित, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा, नवीन धवन बंटी व पार्षद देवेंद्र यादव जीतू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के साथ पर्चा दाखिल करने पहुंची। लखनऊ बार के महामंत्री जीतू यादव, संदीप यादव समेत कई अधिवक्ता भी इस मौके पर उनके साथ थे। सपा समर्थकों ने भी जोशीले नारे लगाए, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल भी भूल गए।
मुहूर्त के लिए किया आधा घंटा इंतजार
जीत के ज्योतिषीय सलाह भी नामांकन में दिखी। भाजपा प्रत्याशी आरती रावत वरिष्ठ नेताओं के साथ 11.35 पर कलेक्ट्रेट पहुंच गई थीं, लेकिन मुहूर्त न होने के कारण करीब आधा घंटा वह समर्थकों के साथ नामांकन कक्ष में रुकी रहीं। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने नामांकन पत्र दाखिल करने में देरी का कारण पूछा तो मंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि कुछ देर रुक कर करेंगे। लोगों ने बताया कि 12.01 बजे का मुहूर्त है और उसी मुहूर्त पर पर्चा दाखिल किया गया।
बहुमत नहीं, फिर भी दोनों ने किया जीत का दावा
अध्यक्ष पद पर जीत के लिए 25 सदस्यों में से 13 के वोट चाहिए, जो कि सपा, भाजपा दोनों दलों के पास नहीं हैं। सपा दस सदस्यों के साथ तो भाजपा चार के साथ मैदान में है। इसके बावजूद दोनों जीत का दावा कर रहे हैं। जोड़-तोड़ की चर्चाएं भी जोरों पर हैं। सदस्यों की संख्या के आधार पर देखें तो सपा का पलड़ा भारी दिख रहा है, लेकिन भाजपा प्रत्याशी के समर्थक भी खुद को मजबूत बता रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव अपनी टीम संग भाजपा प्रत्याशी के साथ हैं। निर्दलीयों के साथ ही बसपा के पांच वोटों को अहम माना जा रहा है। पर्चा भरे जाने के साथ ही जोड़-तोड़ के गुणा गणित में और तेजी आ गई है। हालांकि नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी आरती रावत की ओर से जिले के भाजपा प्रभारी व एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि पार्टी विकास के मुद्दे पर लड़ रही हैं और इसी पर उन्हें सभी सदस्य मत देकर विजयी बनाएंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव लड़ेगी। निष्पक्ष व पारदर्शी मतदान ही भाजपा की जीत का फॉर्मूला होगा। वहीं, सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी ने कहा कि वह क्षेत्र व जिले की जनता के लिए, विकास कार्यों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं की सुरक्षा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। हमारे साथ सदस्यों का पूरा संख्याबल है और हम जीतेंगे। वहीं सपा के जिला अध्यक्ष जय सिंह जयंत ने कहा कि सपा के 10 सदस्य हैं। वहीं भाजपा को सपा से काफी कम सीट हासिल हुई हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद के लिए उनकी दावेदारी में ज्यादा दम नहीं है। उनके अनुसार अध्यक्ष पद पर उनकी जीत पक्की है।
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