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महिलाओं की राजनीति में मौजूदगी को लेकर कठघरे में सियासी दल

Thu, 09 Feb 2017 11:39 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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रीता जोशी और अर्पणा यादव - फोटो : amar ujala
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वजह सियासी समीकरण हों या फिर राजनीतिक दलों की मजबूरी, पर महिलाओं को टिकट देने के सवाल पर सियासी दल कठघरे में नजर आ रहे हैं। बीते चालीस सालों में अब तक राजधानी को सिर्फ पांच महिला विधायक ही मिलीं।
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कांग्रेस ने चार बार और सपा ने एक बार ही महिला उम्मीदवार पर भरोसा जताया। यह दीगर है कि सियासी दल भले ही उन्हें टिकट देने में कंजूसी बरतें, लेकिन जब-जब महिला उम्मीदवारों पर पार्टी ने भरोसा जताया, उन्होंने निराश नहीं किया और जीत दिलाई।

राजधानी की मौजूदा नौ में पांच सीटों बख्शी का तालाब (पहले महोना), लखनऊ मध्य, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम व लखनऊ उत्तर से इन 40 सालों में कोई महिला विधायक नहीं रही है।
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इस स्थिति में बदलाव के आसार इस बार भी नहीं हैं क्योंकि प्रमुख राजनीतिक दलों की तरफ से इन नौ सीटों के लिए तय की गई महिला उम्मीदवारों की संख्या चार ही है। यह चारों महिला उम्मीदवार तीन सीटों पर लड़ रही है।

कुल मतदाता : 35 लाख 11 हजार 619 । ज‌िसमें पुरुष मतदाता : 18 लाख 94 हजार 962 और मह‌िला मतदाता 16 लाख 16 हजार 538 हैं।  वर्ष 2012 के चुनाव से पहले राजधानी में विधानसभा की आठ सीटें ही हुआ करती थीं।

जिनमें चार कैंट, पूरब, पश्चिम व मध्य शहरी इलाके में थी। इसके अलावा मोहनलालगंज, मलिहाबाद व सरोजनीनगर और महोना सीटें ग्रामीण इलाकों में स्थित थीं। शहरी इलाकों की सीटों की बात करें तो इन 40 सालों में सिर्फ कैंट व पूरब सीट से ही महिला विधायक रही हैं।
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दो सीटों पर 85 के बाद नहीं म‌िला मौका

जयदेवी और स्वात‌ि स‌िंह - फोटो : amar ujala
लखनऊ पूरब सीट से स्वरूप कुमारी बख्शी 1977, 1980 और 1985 में कांग्रेस से विधायक रहीं। उसके बाद से अब तक इस सीट से कोई महिला विधायक नहीं रहीं। कैंट सीट से कांग्रेस के टिकट पर ही प्रेमवती तिवारी 1980, 1985 और 1989 में विधायक रहीं।

इसके बाद 2012 में हुए चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर डॉ. रीता बहुगुणा जोशी विधायक चुनी गईं। ग्रामीण इलाके में मलिहाबाद सीट से 1985 में कांग्रेस के टिकट कृष्णा रावत विधायक चुनी गईं व मोहनलालगंज से सपा की चंद्रा रावत 2012 में विधायक रहीं।

इन सीटों पर पिछले 40 सालों के नतीजों पर नजर डालें तो यह भी पता चलता है कि सियासी दलों ने महिला उम्मीदवारों को टिकट देने में भी कंजूसी बरती है। इस बार ही नजर दौड़ाएं तो भाजपा, सपा-कांग्रेस गठबंधन की तरफ से राजधानी की नौ सीटों के लिए सिर्फ चार महिला उम्मीदवार उतारी गई हैं।

बसपा ने एक भी महिला को टिकट नहीं दिया है। सपा-कांग्रेस गठबंधन की तरफ से सिर्फ एक महिला उम्मीदवार अपर्णा यादव कैंट से उतारी गई हैं। भाजपा ने तीन महिला उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें डॉ. रीता बहुगुणा जोशी कैंट, स्वाति सिंह सरोजनीगर और जयदेवी मलिहाबाद (सु.) सीट से चुनाव लड़ रही है।

1977 से अब तक महिला विधायक
लखनऊ कैंट डॉ. रीता बहुगुणा जोशी (कांग्रेस) 2012
मोहनलालगंज चंद्रा रावत (सपा) 2012
लखनऊ कैंट प्रेमवती तिवारी (कांग्रेस) 1980, 1985 व 1989
लखनऊ पूरब स्वरूप कुमारी बख्शी (कांग्रेस) 1977, 1980 व 1985
मलिहाबाद से कृष्णा रावत (कांग्रेस) 1985 में विधायक बनी।
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