फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सिर्फ शैक्षिक संस्थानों में मुक्त विवि के अध्ययन केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
अब शैक्षिक संस्थान ही बनेंगे मुक्त विवि के अध्ययन केंद्र
विज्ञापन

मुक्त विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत निर्णय लिया गया है कि अब किसी स्वयंसेवी संस्था को मुक्त विवि का अध्ययन केंद्र नहीं बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि अब सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों को ही अपना अध्ययन केंद्र बनाएगा। विवि के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने मंगलवार को लविवि के जेके सभागार में यह जानकारी दी। वे विवि की ओर से आयोजित अध्ययन केंद्र समन्वयकों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह उपस्थित रहे।
प्रो. केएन सिंह ने कहा कि यह जनमानस का विवि है। यहां मामूली फीस पर 151 पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करने का मौका उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अध्ययन केंद्र समन्वयकों के साथ ही वे सामान्य विद्यार्थियों की समस्या समाधान का विकल्प देते हैं। मुक्त विवि से जुड़कर कोई भी नौकरी करने वाला व्यक्ति पढ़ाई कर सकता है। यहां तक कि ठेला लगाने और मजदूरी करने वाले व्यक्ति भी विवि से जुड़कर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि अध्ययन केंद्र समन्वयकों को अपनी समस्याओं के साथ ही यह भी देखना चाहिए कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कितना ध्यान दिया जा रहा है। इस मौके पर लविवि प्रति-कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह और लविवि अध्ययन केंद्र समन्वयक प्रो. डीके सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. नीरांजलि सिन्हा और धन्यवाद डॉ. एससी पांडेय ने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुक्त विवि शुरू करेगा तीन नये कोर्स
विवि के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने बताया कि इस साल से विवि में एमएससी फूड एंड न्यूट्रीशन, एमए होमसाइंस और एमए योग की शुरुआत की जा रही है। इन पाठ्यक्रमों में 30 अगस्त तक दाखिला लिया जा सकता है। इसके साथ ही कृषि, स्वास्थ्य जागरूकता और शैक्षिक योजनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है। विवि में जीएसटी पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम, एग्री बिजनेस जैसे कई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें