डिजिटल इंडिया की तरफ कदम बढ़ाते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय अब स्टूडेंट्स को ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स पढ़ाने की शुरुआत कर सकता है। शनिवार को विश्वविद्यालय में होने वाली एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल लॉ फैकल्टी के अंतर्गत चार ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है।
इन्हें करने के लिए स्टूडेंट्स को विवि आने की जरूरत नहीं। प्रवेश से लेकर परीक्षा तक सभी कुछ ऑनलाइन होगा। इसके अलावा शनिवार की एकेडमिक काउंसिल में लॉ के पीजी डिप्लोमा कोर्स, बीबीए के सीबीसीएस कोर्स, डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को पीएचडी की अनुमति देने, विवि में डॉ. राम मनोहर लोहिया चेयर के ऑर्डिनेन्स, शिक्षकों को शोध के लिए आर्थिक सहायता देने सहित विभिन्न मुद्दों पर निर्णय लिया जाना है।
एकेडमिक काउंसिल में जिन ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स को शुरू करने का प्रस्ताव रखा जा रहा है उसमें साइबर लॉ, इंटलेक्चुलअल प्रॉपर्टी राइट (आईपीआर), कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी शामिल हैं।
यह सभी कोर्स तीन-तीन माह के होंगे। साल में तीन बैच चलाए जाएंगे। कोर्स में दाखिले के लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करेंगे। प्रवेश मिलने पर उसे ऑनलाइन ही कोर्स मटीरियल ई-मेल से भेजा जाएगा। इसके बाद स्टूडेंट्स को परीक्षा के लिए भी कहीं जाने की जरूरत नहीं।
वह भी ऑनलाइन ही होंगी। स्टूडेंट्स को कोर्स उत्तीर्ण करने के लिए न्यूनतम 50 फीसदी अंक हासिल करने होंगे। यदि वह इससे कम अंक पाता है तो एक बार परीक्षा में दोबारा शामिल होने का अवसर मिलेगा।
कुछ नए पीजी डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का भी है प्रस्ताव
डेमो
लॉ फैकल्टी में कुछ नए पीजी डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी एकेडमिक काउंसिल में रखा जा रहा है। इनमें पीजी डिप्लोमा इन इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ शामिल हैं।
इन कोर्स में साइबर क्राइम, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस, ई-बैंकिंग, इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम्स, ई-कॉमर्स, क्रेडिट कार्ड व इंटरनेट आदि के बारे में पढ़ाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस तरह से सुरक्षित बैंकिंग की जा सकती है और यदि कोई एटीएम या नेट बैंकिंग से जुड़े फ्रॉड करे या किसी अन्य तरह का साइबर क्राइम करे तो उस पर कौन सी धारा के तहत क्या कार्रवाई होगी।
डिग्री कॉलेज शिक्षकों को पीएचडी कराने का मौका बैठक में एक बड़ा निर्णय डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को शोध कराने का मौका देने से जुड़ा है। इस निर्णय की वजह से एलयू से संबद्ध सभी डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की निगाहें इस बैठक पर हैं।
पीएचडी ऑर्डिनेन्स में संशोधन करके इस बैठक में प्रस्ताव रखा गया है कि डिग्री कॉलेज शिक्षक भी एलयू शिक्षकों की तरह ही शोध करा सकेंगे। एक शिक्षक को एक समय पर दो शोधार्थी आवंटित होंगे। गौरतलब है कि कई सालों से शिक्षक इसकी मांग कर रहे हैं।
बीबीए के सीबीसीएस कोर्स का भी प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल के सदस्य विवि में बीबीए के सीबीसीएस कोर्स को शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा करेंगे। इस कोर्स में 60 सीटों पर दाखिला किया जाना है। इस साल बीबीए की काउंसलिंग में करीब एक हजार अभ्यर्थियों को बीबीए या बीकॉम ऑनर्स में दाखिला नहीं मिला।
यदि काउंसिल सदस्य बीबीए के नए कोर्स को हरी झंडी देते हैं तो 60 और अभ्यर्थियों को दाखिले का मौका मिलेगा। लविवि के कुलपति प्रो. एसबी निमसे का कहना है प्रयास है कि जिन नए कोर्स का सिलेबस बैठक में स्वीकृत हो उन्हें नए सत्र से शुरू कर दिया जाए। हालांकि बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय होगा।