आवास विकास परिषद ने आवंटियों को राहत देने और अपनी रिक्त सम्पत्तियों की बिक्री बढ़ाने के लिए ब्याज दरों को एक प्रतिशत कम कर दिया है। इससे आवंटियों को ब्याज के बोझ से कुछ राहत मिलेगी। गजट नोटिफिकेशन के बाद कम हुई ब्याज दर का लाभ आवंटियों को दिया जाएगा।
बोर्ड ने आपसी सहमति से बैनामे के जरिये सीधे किसानों से जमीन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी के साथ ही आवासीय और व्यावसायिक सम्पत्तियों के निस्तारण की नीति भी तय कर दी है। बोर्ड ने इस साल प्रदेश के 27 शहरों में नई आवासीय योजनाओं को हरी झंडी दी है।
इसके लिए आपसी सहमति से करीब 4500 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। बोर्ड ने चालू वित्त वर्ष के लिए बजट भी पास कर दिया।
बोर्ड में किए गए फैसलों के बाबत मंगलवार को आवास आयुक्त रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आवंटियों को राहत देने के लिए ब्याज दर में एक प्रतिशत की कमी की गई है। अब 10 लाख तक की सम्पत्ति पर 9.50 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाएगा। पहले यह 10.50 प्रतिशत था।
इसी तरह 10 से 25 लाख रुपये तक की सम्पत्ति पर ब्याज दर 11.50 के बजाय 10.50 प्रतिशत किया गया है। 25 लाख से अधिक की सम्पत्तियों और व्यावसायिक सम्पत्तियों पर ब्याज दर पूर्व की तरह 11.50 प्रतिशत रहेगी।
घर बैठे बनेंगे डुप्लीकेट आरसी व डीएल
मई से चालू होगा सॉफ्टवेयर
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कार्यालय (आरटीओ) जल्द ही केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के नेशनल रजिस्टर से सीधा कनेक्ट हो जाएंगे। कनेक्ट होने के बाद दोनों आरटीओ में वाहन-4 सॉफ्टवेयर कार्य करने लगेगा। इससे लोग घर बैठे ही वाहन की डुप्लीकेट आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) व ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवा सकेंगे।
लखनऊ और कानपुर आरटीओ का वाहन-4 सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। ट्रायल में मिली खामियों को दूर करने के लिए एनआईसी को निर्देश दिए गए हैं। वाहन-4 सॉफ्टवेयर की यह खामी एक हफ्ते के भीतर दूर हो जाएगी।
इसके बाद एक मई से दोनो आरटीओ में यह सॉफ्टवेयर चालू हो जाएगा। इससे रोजमर्रा के मैनुअल होने वाले कार्य ऑनलाइन होने लगेंगे। यह व्यवस्था शुरू होने से लोगों को परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस, डुप्लीकेट आरसी, किसी वाहन की एनओसी और वाहन स्वामी का नाम बदले के लिये आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
लखनऊ जोन के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अरविंद कुमार पांडेय ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ आरटीओ को ऑनलाइन करने की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। वाहन-4 सॉफ्टवेयर चालू होते ही कोई भी आरटीओ संबंधित जानकारी आसानी से हासिल कर पाएगा।
पढ़ें महिलाओं के लिए खुशखबरी
मेन्यू के हिसाब से मिलेगा खाना
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प्रदेश सरकार गरीब गर्भवती महिलाओं व अतिकुपोषित बच्चों को दोपहर में गर्मागर्म खाना खिलाने जा रही है। 15 अप्रैल से इसे 15 दिन तक ट्रायल पर चलाकर पूरे सूबे में शुरू कर दिया जाएगा।
बच्चों को शाम को मौसमी फल भी दिए जाएंगे। सूबे में 14 लाख से अधिक अतिकुपोषित बच्चे व एक लाख से अधिक हाईरिस्क गर्भवती महलाएं हैं। सरकार कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं व सात माह से तीन वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिदिन गर्मागर्म भोजन कराएगी।
साथ ही, तीन से छह वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को भी दोपहर के खाने के बाद शाम के नाश्ते में एक-एक मौसमी फल भी दिया जाएगा। ट्रायल पर यह योजना 30 अप्रैल तक चलेगी। इसमें डीएम व सीडीओ द्वारा गोद ली गई दो-दो ग्राम सभाओं के साथ ही हर मंडल के एक विकास खंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में यह योजना शुरू की जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में दोपहर 12 से एक के बीच खाना खिलाया जाएगा। योजना के ट्रायल के समय रोज कम से कम 10 प्रतिशत ग्राम सभाओं के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी समन्वित बाल विकास योजनाओं के निदेशक को सौंपी गई है।
गर्भवती महिला को 18 व बच्चे को 7 रुपये में खाना
प्रदेश सरकार ने हर गर्भवती महिला को खाना खिलाने के लिए 18 रुपये प्रतिदिन व हर अतिकुपोषित बच्चे के लिए सात रुपया निर्धारित किया है।
इसके अलावा, बच्चों को शाम के समय फल या स्नैक्स के लिए तीन रुपये प्रतिदिन का बजट तय है। आयोडाइज्ड नमक युक्त खाना पकाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सहायिकाओं को दी गई है।
किस दिन क्या मिलेगा खाना
सोमवार-रोटी व सोयाबीन युक्त सब्जी
मंगलवार-दाल व चावल
बुधवार-तहरी व दही
बृहस्पतिवार-रोटी, दाल व दही
शुक्रवार-तहरी व दही
शनिवार-चावल व सोयाबीन युक्त सब्जी
प्रतिदिन-मौसमी फल या केला