साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। पुलिस टीम ने साइबर ठगी के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी शहीद पथ के किनारे स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में रहकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक बुधवार को साइबर क्राइम थाने की टीम अहिमामाऊ चौराहे पर मौजूद थी। इसी बीच मुखबिर ने सूचना दी कि फ्रेंड्स कॉलोनी में करीब 15 से 20 लोग ठहरे हुए हैं। इनके पास बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड व अन्य सामग्री है। सभी लगातार फोन पर बात करते रहते हैं। ऐसे में शक है कि ये लोग साइबर ठगी में संलिप्त हो सकते हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मनोरथ हाउस के पास स्थित मकान में दबिश दी। कमरे में कई लोग लैपटॉप, मोबाइल और अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर बातचीत करते मिले। वहां बड़ी संख्या में डेबिट कार्ड, आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी रखे थे। यही नहीं, टेबल पर कई खातों की पर्चियां भी पड़ी थीं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। छानबीन में पता चला कि बिहार के मैरवा सीवान निवासी प्रदुमन कुमार सिंह गिरोह का संचालन कर रहा था।
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ऑनलाइन गेम के नाम पर देते थे झांसा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अन्ना रेड्डी, फेयर प्ले और 99 एक्सचेंज नाम से फर्जी लिंक बना रखे हैं। इनके जरिये वे उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से ऑनलाइन गेम के नाम पर संपर्क करते थे। इसके बाद लोगों से उन्हीं के खातों में रकम जमा कराते थे और फिर धोखे से अपने फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। गिरोह का सरगना राजा सिंह है, जो गनी भाई के नाम से भी जाना जाता है। सोशल मीडिया व कॉल्स के माध्यम से गिरोह लोगों को ऑनलाइन गेम में सट्टा लगाने पर मुनाफे का लालच देता था। ठगी के बाद आरोपी मोबाइल, सिमकार्ड और लैपटॉप को तोड़कर फेंक देते थे। यही नहीं गिरोह लगातार ठिकाने भी बदलता रहता था।
अलग-अलग राज्यों में कुल 44 शिकायतें मिलीं
डीसीपी ने बताया कि साइबर पोर्टल, बरामद मोबाइल फोन, पासबुक और चेकबुक की पड़ताल में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कुल 44 साइबर ठगी की शिकायतें मिली हैं। आरोपियों की ओर से इस्तेमाल किए गए खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन हुए हैं। आरोपियों ने मल्टी-लेयर लेन-देन किया है। इसके लिए फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों के पास से एक कार, 53,200 रुपये, 44 मोबाइल फोन, तीन लैपटाॅप, 42 एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम व अन्य दस्तावेज मिले हैं।
ये लोग हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में प्रदुमन के अलावा सीतापुर के नवीनगर लहरपुर निवासी अखिलेश कटियार, बिहार के सीवान निवासी आलोक सिंह, अमन कुमार सिंह, प्रीतम कुमार, अंकित कुमार, अभिनंदन सिंह, धन्नू कुमार, गोपालगंज निवासी अमित कुमार बर्नवाल, अभिजीत कुमार शर्मा, बलिया के सिकंदरपुर निवासी इंद्रजीत कुमार, कुशीनगर के हाटा स्थित पटनी निवासी आर्यन बर्नवाल, देवरिया के सिविल लाइंस निवासी ऋषभ सिंह, बिहार के बांका निवासी सावन कुमार सिंह और बाराबंकी के दसहराबाद निवासी अभिषेक गुप्ता शामिल हैं। पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों के बारे में पता लगा रही है।