लखनऊ। जानबूझकर अवैध निर्माण के मामले लटकाने के प्रकरणों को देखते हुए एलडीए ने अब शमन मानचित्र से संबंधित आपत्तियों व सुझावों के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करना बंद कर दिया है। अब आवेदक ऑनलाइन ही अपने आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में एलडीए वीसी ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी कर दिया।
प्रथमेश कुमार ने बताया कि पहले मानचित्र या शमन मानचित्र के प्रकरणों में समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर 15 दिन में आपत्ति या सुझाव मांगे जाते थे। इसके बाद अनुभागों से मिली आपत्तियों की पत्रावली भेजी जाती थी। कई पटलों से जुड़े होने से पत्रावली आगे बढ़ने में समय लगता था, जिससे मानचित्र स्वीकृति में महीनों लग जाते थे। तब तक लोगों को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे।
इसके अलावा कुछ लोग जानबूझकर आवेदन को अटकाए रखते हैं, जिससे अवैध निर्माण पर कार्रवाई भी फंसी रहती है। दो दिन पहले शमन मानचित्रों की समीक्षा के दौरान यह सामने भी आया कि जुलाई से अब तक 270 आवेदन आए और इनमें से 67 ही पास हुए। इसकी वजह मानचित्र आवेदन में कमियां निकलना था। कई ऐसे भी मामले आए, जिनमें कई बार आवेदन हुआ और हर बार कुछ न कुछ कमी निकली।