प्याज की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए सरकार ने ग्राहकों को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए विक्रय केंद्र खोलने का फैसला किया है। पहले चरण में प्रदेश में 30 जिलों में प्याज विक्रय केंद्र खोले जाएंगे। इन जिलों में 39 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज बेचा जाएगा।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अधिकारियों से कहा है कि भारत सरकार के राजकीय संस्थानों से प्याज मंगाकर प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। विभिन्न जिलों में स्थित मंडी परिषदों में फुटकर प्याज बिक्री के लिए खुलवाए गए आउटलेट में प्याज की उपलब्धता निरंतर बनाए रखी जाए।
भारत सरकार के गजट के अनुसार थोक व्यापारियों को 50 मीट्रिक टन एवं फुटकर विक्रेता को 10 मीट्रिक टन भंडारण की सीमा का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्याज की जमाखोरी करने वाले के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण सुधीर गर्ग ने बताया कि पहले चरण में 14 जिलों में 28 केंद्र खुल चुके हैं। इनमें लखनऊ में 8, प्रयागराज में 4, मुरादाबाद में 4, सहारनपुर में 2, रामपुर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, बरेली, बाराबंकी, शाहजहांपुर, बदायूं, बहराईच और सिद्धार्थनगर में एक-एक केंद्र खोलकर थोक भाव में बिक्री शुरू कर दी गई है।
शेष 16 जिलों फैजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, बस्ती, अयोध्या, उन्नाव, मथुरा, बुलंदशहर, गाजीपुर, कन्नौज, भदोही, फर्रुखाबाद, आजमगढ़, मिर्जापुर और कानपुर नगर में मंगलवार को एक-एक केंद्र खोला जाएगा। खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने बताया कि प्याज की नई खेप आने के बाद मौजूदा कीमत में 10 से 15 रुपये की और गिरावट आने का अनुमान है।