जीएसटी लागू होने से व्यापारियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई। पिछले साल प्रदेश में सिर्फ 7.50 लाख व्यापारी पंजीकृत थे, लेकिन जीएसटी के बाद एक साल में करीब 6.50 लाख नये व्यापारियों ने पंजीकरण कराया। इनमें अधिकांश छोटे व मध्यम श्रेणी के व्यापारी हैं। अब पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 13 लाख के करीब है।
80 फीसदी तक टैक्स चोरी में कमी
सूत्रों की माने तो जीएसटी के टैक्स चोरी में करीब 80 फीसदी कमी आई है। इसकी वजह से यह है कि जीएसटी की तकनीक आधारित प्रणाली से व्यापारियों द्वारा किए जाने वाले लेन-देन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
20 फीसदी सस्ता हुआ माल ढुलाई
जीएसटी के प्रावधानों से एक से दूसरे राज्य में माल ले जाना आसान होने के साथ किफायती हो गया है। इससे लॉजिस्टक क्षेत्र को फायदा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक ढुलाई की कीमत में करीब 20 फीसदी तक की कमी आई है।
आबादी के लिहाज से यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है, इसलिए अन्य राज्यों की तुलना में यहां पर सर्वाधिक उपभोक्ता हैं। चूंकि जीएसटी एक उपभोक्ता आधारित टैक्स प्रणाली है, इसलिए इसके तहत मिलने वाले राजस्व का सबसे अधिक शेयर उसी राज्य को मिलेगा, जहां वस्तुओं का उपभोग करने वालों की संख्या अधिक होगी। इस लिहाज से यूपी को एक साल में करीब 5 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।