लखनऊ। तंबाकू, शराब के सेवन के दुष्परिणाम कम उम्र में ही सामने आ रहे हैं। केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग की ओपीडी में पहुंचने वाले कैंसर के एक तिहाई मरीजों की उम्र 40 वर्ष से कम है।
मंगलवार को केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग के स्थापना दिवस के दौरान डॉ. पारिजात सूर्यवंशी ने यह जानकारी दी।
डॉ. पारिजात ने बताया कि ओपीडी में सामान्य के साथ कैंसर रोगियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब जीवनशैली के साथ शराब और तंबाकू का सेवन है। ओपीडी में आने वाले रोगियों में से 20 से 30 फीसदी कैंसर पीड़ित होते हैं। चिंता की बात यह है कि कैंसर रोगियों में एक तिहाई की उम्र 40 वर्ष से कम होती है। इन मरीजों में से ज्यादातर केस मुंह, गले और जीभ में कैंसर वाले होते हैं।
डॉ. पारिजात ने कहा कि अभी तक कैंसर के मामले 50 से 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके लोगों में मिलते थे। हालांकि, बीते कुछ समय से इसमें बदलाव आया है। इसका कारण कम उम्र से ही तंबाकू और पान-मसाले का ज्यादा सेवन करना है। समारोह में डॉ. अवनीश कुमार, डॉ. संजीव कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार के साथ डॉ. सुरेंद्र, डॉ. निजामुद्दीन अंसारी मौजूद रहे।