लखनऊ। एलडीए के प्लॉट बेचने के एक और आरोपी को एसटीएफ ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विनम्र खंड निवासी सुशील मिश्रा की एसटीएफ तलाश कर रही थी। सुशील के अन्य साथियों को एसटीएफ ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी जाली दस्तावेज बनाकर लोगों को प्लॉट बेच देते थे।
एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार के मुताबिक, भोपाल निवासी सर्वेश कुमार गौतम ने शिकायत की थी। छानबीन में पता चला कि लखनऊ में एक गिरोह सक्रिय है, जो लखनऊ विकास प्राधिकरण के कई वर्षों से खाली पड़े प्लॉटों को चिह्नित करता है। इसके बाद उनकी जानकारी निकालकर नकली कागजात तैयार कर फर्जी तरीके से लोगों को बेच देता है। पड़ताल के दौरान 27 मार्च को एसटीएफ ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सुशील ने बताया कि वह सरगना अचलेश्वर गुप्ता के गिरोह का ही सदस्य है। गिरोह की मदद लखनऊ विकास प्राधिकरण के कुछ बाबू करते हैं। एलडीए के कर्मी ही असली मालिक का नाम-पता व अन्य जानकारी देते हैं। अब तक गिरोह 70-80 प्लाॅटों को बेच चुका है। इस काम में राम बहादुर सिंह, सचिन सिंह, मुकेश मौर्या, राहुल सिंह साथ देते हैं। राम बहादुर सिंह प्लाट के फर्जी कागज तैयार करता हैं। सचिन सिंह प्लाट को खरीदने वाली पार्टी लाता है। मुकेश मौर्या प्लाट मालिक का आधार कार्ड व अन्य जरूरी कागज तैयार करता है। राहुल सिंह गवाह तैयार करता है। एसटीएफ के मुताबिक आशीष ने कई अन्य भूमाफियाओं को भी फर्जी रजिस्ट्री के कागजात तैयार कर के दिया है।