भारतीय वायुसेना के दुर्घटनाग्रस्त विमान एएन-32 में राजधानी के बक्शी का तालाब ब्लॉक के भौली का लाल पुताली भी सवार था। एयरफोर्स के अधिकारियों ने उसके परिवारीजनों को फोन पर सूचना देकर असम पहुंचने के लिए कहा है। पुताली के बड़े भाई के आर्थिक हालात इतने खराब हैं कि उनके पास असम जाने के लिए पैसा ही नहीं है। अनहोनी की आशंका से घिरे भाई का रो-रोकर बुरा हाल है कि वे भाई को ढूंढने जाएं भी तो कैसे।
एएन-32 विमान का अरुणाचल प्रदेश से जमीनी स्रोतों से अंतिम संपर्क तीन जून को हुआ था। 11 जून को भारतीय वायुसेना ने विमान का मलबा मिलने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि बचे लोगों की स्थिति जानने के प्रयास किए जा रहे हैं। विमान में 13 लोग सवार थे, जिनकी तलाश में 8-10 जवानों को दो हेलीकॉप्टर की सहायता से एयरड्रॉप किया गया है। इस टीम में भारतीय वायु सेना, थल सेना और सामान्य पर्वतारोही शामिल हैं। मलबा घने जंगलों वाले इलाके में मिला है। ये जगह चीनी सीमा के बेहद नजदीक है।
बख्शी का तालाब तहसील के भौली निवासी स्वर्गीय टिकाई के तीन बेटे हैं। बडे़ बेटे मुन्नी लाल ने बताया कि पुताली तीनों में सबसे छोटा है। वर्ष 2000 में वह वायुसेना में क्रू मेंबर के रूप में शामिल हुआ। उसका विवाह नहीं हुआ है। आठ अप्रैल को छुट्टियों में घर आया था और दो मई को लौट गया। उसी के बाद विमान के लापता होने की जानकारी मिली। भाई ने बताया कि बुधवार को सुबह वायुसेना अधिकारियों ने फोन कर मलबा मिलने की जानकारी दी और असम आने को कहा है।