परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए विभाग ने एक नया फॉर्मूला खोज निकाला है।
इसके तहत अब किसी परिसर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल एक साथ चल रहे हैं तो वहां केवल एक ही हेड मास्टर तैनात किया जाएगा।
मौजूदा समय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के लिए अलग-अलग हेड मास्टर होते हैं। इसके चलते दोनों अध्यापक केवल प्रशासनिक काम निपटाने में लगे रहते हैं और इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है।
प्रदेश में हजारों की संख्या में ऐसे स्कूल हैं जहां प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल एक ही परिसर में चल रहे हैं।
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शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक में यह सहमति बनी है कि एक ही परिसर में चलने वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए अलग-अलग हेड मास्टर न रखकर केवल एक ही हेड मास्टर रखा जाए।
इससे प्राथमिक स्कूल वाले हेड मास्टर प्रशासनिक कामों से मुक्ति पा जाएंगे और पूरा समय वह बच्चों की पढ़ाई पर लगा सकेंगे।
सचिव बेसिक शिक्षा नितीश्वर कुमार कहते हैं कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है यह एक लंबी प्रक्रिया है।
इसलिए फौरी तौर पर यह सहमति बनी है कि एक ही परिसर में चलने वाले स्कूलों में केवल उच्च प्राथमिक स्कूलों में ही हेड मास्टर होगा। प्राथमिक स्कूलों का हेड मास्टर टू तैनात होगा।
इसके वेतनमान या अन्य सुविधाओं में कोई कमी नहीं होगी। उनसे केवल प्रशासनिक काम नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से भी बातचीत कर ली गई है, उन्हें इस पर आपत्ति नहीं है।
निदेशक बेसिक शिक्षा से ऐसे स्कूलों की वास्तविक संख्या के साथ प्रस्ताव मांगा गया है।
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