आशियाना के सेक्टर एम-1 स्थित अंसल आंगन योजना (रिक्शा कॉलोनी) में शनिवार को जर्जर मकान की छत गिरने से तीन बच्चे और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मलबे में दबे लोगों को निकलवाकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया। जहां से बच्चों को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।
डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह व एसडीएम सिद्धार्थ कुमार भी मौके पर पहुंचे। प्राची सिंह के मुताबिक हादसे में गोकुल (13), अनिल (10), मनी (11) व शुभम (22) घायल हुए हैं। अंसल आंगन योजना के तहत बनी 1222 मकानों वाली कॉलोनी में दोपहर करीब एक बजे कुछ बच्चे जर्जर मकान में खेल रहे थे। अचानक मकान की छत गिर गई। अन्य बच्चों ने शोर मचाया। इसके बाद स्थानीय लोग व समाजसेवी पप्पू यादव ने बल्लियों के सहारे मलबा हटाना शुरू किया। सूचना पर पहुंची पुलिस व दमकल कर्मियों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। एसडीएम सरोजनीनगर सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि मकान खाली पड़ा था और काफी जर्जर था। रिपोर्ट तैयार कर घायलों की आर्थिक मदद की जाएगी।
जर्जर मकानों में हर वक्त जान सांसत में
स्थानीय लोगों ने बताया कि डेवलपमेंट चार्ज जमा करवाने के बावजूद अंसल ने बिजली, सड़क, सीवर और पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है। साथ ही निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है। इस समय कॉलोनी में 450 मकानों में करीब 1600 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ किराए पर हैं, जबकि कुछ में मकान मालिक हैं। महिलाओं ने बताया कि ज्यादातर मकानों को ठेकेदारों ने किराए पर उठा रखा है। किसी से एक हजार तो किसी से 1500 रुपये महीना किराया लेते हैं। स्थानीय निवासी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के बावजूद एलडीए, बिजली विभाग, जल संस्थान की तरफ से कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है।