अनधिकृत तरीके से देश की सीमा में प्रवेश करने के बाद दूसरी बार गिरफ्तार किए गए बंगलादेशी नागरिकों का पासपोर्ट, वोटर व आधार कार्ड और ड्राईविंग लाईसेंस बनवाने में सहायक लोगों की तलाश शुरु हो गई है। एटीएस उन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है जिन्होंने पासपोर्ट बनवाया।
एटीएस के अफसरों का कहना है कि पासपोर्ट बनवाने में कई तरह की बाध्यताऐं आती है। स्थानीय थाने के साथ साथ एलआईयू तक जांच कर अपनी रिपोर्ट लगती है जिसके बाद ही पासपोर्ट बन पाते है। ऐसे में आरोपियों के पासपोर्ट बनवाने की सिफारिश कर वालों की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठ रहा है। जानकारों का कहना है एटीएस गिरफ्तार हुए दोनों भाईयों से बरामद पासपोर्ट की जाँच कर रही है।
एटीएस के सूत्र बताते हैं कि आरोपी दोनों भाई मोहम्मद इकबाल व मोहम्मद फारुख पूर्व में भी गिरफ्तार होकर जेल गए और फिर वापस बंगलादेश डिपोर्ट कर दिए गए थे। इसके बाद भी वह दोनों वापस आ कर सहारनपुर में बस गए और यहाँ फर्जी प्रमाण पत्र व पासपोर्ट बनवाने में कामयाब रहे। उनके वापस आकर पश्चिम यूपी के जिले में शरण लेने के पीछे किसी साजिश को देखा जा रहा है। एटीएस के सूत्र बताए हैं कि इस बात का अंदेशा है कि यह दोनों भाई नकली नोटों के धंधे से जुड़े हों।
इन दोनों के मंसूबों की तह तक जाने के लिए जहां उनके संपर्कों को तलाश कर पूछताछ किए जाने का फैसला किया गया है वहीं दोनों भाइयों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जानी है। एटीएस ने इन्हे रिमांड पर लेने के लिए सक्षम अदलत में दरख्वास्त दी है जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है।