लखनऊ। परिवहन विभाग और पुलिस के संयुक्त अभियान में जहां कमता चौराहे पर नियमों के उल्लंघन पर 25 वाहन सीज किए गए। वहीं, पुराने लखनऊ में डग्गामार वाहन खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बुधवार को एसीपी विभूतिखंड विनय द्विवेदी और एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार के नेतृत्व में कमता क्षेत्र में अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस के चल रहे 25 निजी वाहनों को जब्त किया गया। उधर, घंटाघर, झूलेलाल पार्क और मेडिकल कॉलेज के आसपास बिना परमिट चल रहे डग्गामार वाहन अब भी बेधड़क सवारी ढो रहे हैं। ये वाहन सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर तक यात्रियों को ले जाते हैं।
यात्रियों की आवाजाही रोडवेज बस स्टैंडों से घट रही है जबकि सड़कों पर अवैध वाहनों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। झूलेलाल और घंटाघर क्षेत्र में ये वाहन कहीं भी खड़े होकर सवारी बैठाते हैं, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। मंगलवार को रोडवेज चालक-परिचालकों ने अवध बस अड्डे पर दो घंटे तक प्रदर्शन किया था और पुलिस व प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए थे, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से डग्गामार वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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घंटाघर बना स्थायी अवैध बस अड्डा
घंटाघर क्षेत्र दो दशकों से अवैध बस स्टैंड का रूप ले चुका है। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री छोटे-बड़े निजी वाहनों से विभिन्न जनपदों की यात्रा करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन इस अनधिकृत संचालन से वाकिफ है, लेकिन लाभ और लापरवाही के चलते कार्रवाई नहीं होती।