लखनऊ। रंगों के त्योहार होली की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। घरों से लेकर बाजार तक कचरी, पापड़ और चिप्स की खुशबू फैलने लगी है। इस बार कच्चे खाद्य पदार्थों के दाम स्थिर रहने से लोगों को राहत मिली है। तेल, सूजी और मैदा की कीमतों में बढ़ोतरी न होने से त्योहार पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। वहीं चिप्स और पापड़ में इस्तेमाल होने वाला आलू 10 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
बाजार में होली से पहले ही रौनक बढ़ गई है। रमजान की शुरुआत के साथ ही कचरी, पापड़ और चिप्स की बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। नरही के किराना व्यापारी संजय अग्रवाल के मुताबिक, इस बार सभी प्रमुख खाद्य सामग्री के दाम स्थिर हैं। बाजार में आलू चिप्स 200 रुपये प्रति किलो, आलू पापड़ 250 रुपये प्रति किलो, चावल पापड़ 120 रुपये प्रति किलो और रंग-बिरंगे फ्रेंच फ्राइज 80 रुपये प्रति किलो के पुराने रेट पर उपलब्ध हैं।
सूखे मेवों के दाम भी स्थिर
भूतनाथ के कारोबारी कमल अग्रवाल ने बताया कि मेहमाननवाजी में अब ड्राई फ्रूट्स का चलन बढ़ा है, हालांकि घरों में गुझिया बनाने की परंपरा कायम है। होली के मौके पर चिरौंजी, किशमिश और गरी गोला की मांग सबसे अधिक रहती है। इन सभी के दाम भी फिलहाल स्थिर हैं।
हैंडमेड चिप्स-पापड़ की अलग पहचान
करीब 20 वर्षों से इस कारोबार से जुड़ीं इंदिरानगर की दीपमाला केसरवानी बताती हैं कि मशीनों के दौर में भी हाथ से बने उत्पादों का स्वाद लोगों को आकर्षित करता है। वह पारंपरिक तरीके से कचरी, चिप्स और पापड़ तैयार करती हैं। आलू और साबूदाना के चिप्स, साबूदाना कचरी और फलाहारी चिप्स की विशेष मांग रहती है। अच्छी गुणवत्ता के आलू से तैयार किए गए फलाहारी चिप्स 400 रुपये प्रति किलो तक बिकते हैं। उनके उत्पाद लखनऊ समेत आसपास के जिलों और प्रयागराज तक आपूर्ति किए जाते हैं।
होली पर रंग-बिरंगे कचरी-पापड़ से होगी मेहमाननवाजी
होली पर रंग-बिरंगे कचरी-पापड़ से होगी मेहमाननवाजी
होली पर रंग-बिरंगे कचरी-पापड़ से होगी मेहमाननवाजी
होली पर रंग-बिरंगे कचरी-पापड़ से होगी मेहमाननवाजी