यह तस्वीर ओपी राजभर के एनडीए में औपचारिक रुप से शामिल होने के एलान की है।
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एनडीए में शामिल होने के बाद सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अब अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुटे हैं। इसके लिए अक्तूबर में आजमगढ़ में प्रधानमंत्री की एक बड़ी रैली कराएंगे। सपा से भाजपा के पाले में पहुंचे राजभर इस रैली के बहाने भाजपा के साथ ही विपक्षी खेमे खासतौर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी यह संदेश देने की कोशिश करेंगे, कि पिछड़े नेताओं में उनका भी सियासी रसूख है।
दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड लहर के बाद भी भाजपा को पूर्वांचल की करीब आधा दर्जन सीटों पर शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इनमें लालगंज, गाजीपुर, घोसी, जौनपुर, अंबेडकरनगर और श्रावस्ती शामिल हैं। बलिया में ही मामूली अंतर से ही जीत मिल पाई थी। इन सीटों के अलावा पूर्वांचल की करीब डेढ़ दर्जन सीटों पर पर राजभर जाति की काफी संख्या बताई जाती है। इसे देखते हुए ही पिछले दिनों दिल्ली में हुई एनडीए की बैठक में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने राजभर को इन सीटों पर भाजपा को जिताने के साथ 17-18 सीटों पर राजभर जाति को भाजपा के पक्ष में खड़ा कर माहौल बनाने का लक्ष्य दिया है। राजभर के सुझाव पर ही अक्तूबर में प्रधानमंत्री की एक बड़ी रैली आजमगढ़ में कराने पर सहमति बनी है। अब राजभर के सामने इस रैली के जरिए अपना प्रभाव साबित करने की भी चुनौती है।
रैली में पता चलेगा राजभर का रसूख
दिल्ली की बैठक में राजभर ने दावा किया था पिछड़ों की राजनीति करने वाले एनडीए के अन्य घटक दलों के अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनका असर अपने जातियों पर कमतर नहीं हैं। राजभर ने इस दावे को प्रमाणित करने के लिए अपने संगठन को पूरी ताकत से मैदान में उतार दिया है। उन्हें घर-घर जाकर लोगों को मोदी की रैली में आने की वजह समझाने का टास्क दिया गया है।
7 से 17 अक्तूबर के बीच होगी रैली
रैली की तैयारियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली 7 से 17 अक्तूबर के बीच हो सकती है। इसपर अंतिम फैसला जल्द ही होगा। इस संबंध में जल्द ही सुभासपा अध्यक्ष दिल्ली जाकर भाजपा हाईकमान से विचार-विमर्श करके तारीख तय कराएंगे।
पांच लाख लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी
सुभासपा आजमगढ़ के मार्टिनगंज क्षेत्र में रैली कराने की तैयारी कर रही है। इस रैली में राजभर बिरादरी के कम से कम 5 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है। रणनीति के मुताबिक इस रैली के जरिए आजमगढ़ के 100 किमी. दायरे में पड़ने वाले सभी लोकसभा सीटों को साधने की कोशिश होगी। राजभर ने मोदी की रैली के जरिए पूर्वांचल की 17-18 लोस सीटों को साधने का लक्ष्य रखा है।