मैगी नूडल्स में लेड मिलने के बाद केजीएमयू और आईआईटीआर के वैज्ञानिकों ने इसके खतरे को नियंत्रित करने के लिए इसका काट भी निकाल लिया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से लेड की वजह से होने वाले खतरों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके बाद से अब लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थों को वैज्ञानिक बड़ी संभावना के तौर पर देख रहे हैं।
आईआईटीआर और केजीएमयू की संयुक्त शोध में यह रिपोर्ट सामने आई है। एक साइंस जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, लेड का सबसे ज्यादा नुकसान ब्रेन के विकास को रोकने के रूप में है।
ब्रेन को नुकसान पहुंचने से कई न्यूरो डिसऑर्डर की शिकायत होने लगती हैं। लेड के इस खतरे में ओमेगा-3 फैटी एसिड के रोल की जांच चूहों पर की गई।
इस शोध में पता चला कि ओमेगा-3 फैटी एसिड की डोज से चूहों के ब्रेन पर लेड का असर नियंत्रित हुआ। शोध में शामिल केजीएमयू के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रो. आरके दीक्षित का कहना है कि लेड से मानव शरीर को होने वाले नुकसान को ओमेगा-3 तत्व रोक सकता है।
यह शोध आने वाले समय में काफी फायदेमंद होगा। लेड से सुरक्षा दे रहा ओमेगा-3 फैटी एसिड सबसे ज्यादा मछलियों में पाया जाता है। इसके अलावा सेम की फली, ऑलिव ऑयल, अखरोट में ओमेगा-3 काफी मात्रा में मिल जाता है। एक स्वस्थ मानव शरीर के लिए प्रतिदिन 2-5 ग्राम ओमेगा-3 फैटी एसिड की जरूरत होती है।