डेढ़ दिन के लखनऊ प्रवास में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने पार्टी के नेताओं को समझाया भी तो पेंच भी कसे। उन्होंने इशारों-इशारों में मनमाने फैसला लेने से बाज आने की बात कही। बताया जाता है कि प्रदेश के कुछ जिलों के अध्यक्ष जिस तरह से बदले गए हैं, उस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
कहा कि जब सदस्यता शुरू हो चुकी है तो ऐसे फैसलों से बचा जाए जिससे बाहर गलत संदेश न जाए। फैसले वही होने चाहिए जिनके नतीजे सार्थक हो साथ ही परिणाम निकले। उन्होंने विधानमंडल दल कार्यालय जाकर विधायकों से भी मुलाकात की।
वैसे तो यह बैठक पूरी तरह परिचयात्मक रही। पर, यहां भी उन्होंने विधायकों को उनका महत्व बताते हुए उनसे पार्टी की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। कहा कि जनता के बीच पार्टी की छवि व आधार के लिहाज से विधायकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं।
इसलिए लड़ेंगे पंचायत चुनाव
उन्होंने पंचायत चुनाव में पार्टी के मजबूत प्रदर्शन के लिए भी विधायकों से सहयोग मांगा। माथुर ने कहा कि पार्टी ने पहली बार पंचायत चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ये चुनाव सभी के लिए कसौटी हैं। इन चुनावों के परिणामों का संदेश विधानसभा चुनाव को प्रभावित करेगा।
सभी को यह बात ध्यान में रखकर अभी से तैयारी करनी चाहिए। पंचायत चुनाव की तैयारी ठीक तरह से हो गई तो विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता की राह आसान हो जाएगी। क्योंकि पंचायत चुनाव लड़ने से बूथ तक पार्टी का संगठन पहुंच जाएगा।
दस गुनी सदस्यता तो दस गुनी मेहनत
पार्टी नेताओं के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि दस गुनी सदस्यता करने का लक्ष्य यूं ही नहीं पूरा हो जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दस गुना मेहनत भी करनी होगी। सदस्यता के आधार पर सभी की मेहनत भी कसौटी पर कस जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। इसलिए पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी लोगों के मूड पर गंभीर होकर काम करना चाहिए।
कार्यसमिति की बैठक में रहेंगे माथुर
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की विंध्याचल (मिर्जापुर) में 5,6 व 7 दिसंबर को आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर भी हिस्सा लेंगे। माथुर ने शुक्रवार को यहां खुद यह जानकारी दी।