गाजीपुर में रहने वाले सपा के इलाकाई नेता ने काले शीशों वाली अपनी एसयूवी बेचने के लिए ओएलएक्स पर इश्तहार दिया। अलीगढ़ के युवक दीपक सिंह ने चमचमाती गाड़ी की तस्वीरें देखकर कॉल की और उसके घर पहुंचकर 4.50 लाख रुपये में सौदा तय किया।
दस हजार रुपये एडवांस दिए और अगले दिन आरटीओ ऑफिस के सामने शेष रकम लेकर पहुंचा। सपा नेता भी गाड़ी लेकर आया। स्टांप पर लिखा-पढ़ी कर रकम ली और मालिक नाम बदलवाने के लिए दलाल से बातचीत के दौरान इमरजेंसी कॉल की बात कही। इसके बाद गाड़ी के साथ रकम लेकर चंपत हो गया। युवक चार दिन से पुलिस के चक्कर काट रहा है।
अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले दीपक सिंह ने बताया कि 28 अगस्त को ओएलएक्स पर एक एसयूवी का इश्तहार देखा और उसके मालिक को कॉल की। इंदिरानगर में रहने वाले एसयूवी मालिक ने खुद को सपा नेता बताते हुए घर बुलाया।
दीपक ने दो सितंबर को उसके घर जाकर गाड़ी देखी और साढ़े चार लाख में सौदा तय होने पर दस हजार रुपये एडवांस दिए। तय हुआ कि अगली सुबह सपा नेता गाड़ी लेकर सरोजनीनगर स्थित आरटीओ ऑफिस पहुंचेगा और दीपक उसे शेष रकम देकर गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर करा लेगा।
एसएसपी से की कार्रवाई की मांग
सपा नेता ने की ठगी
- फोटो : demo pic
बकौल दीपक, वह तीन सितंबर की सुबह आरटीओ ऑफिस पहुंचा, जहां सपा नेता ने एक दलाल के जरिये स्टांप पर लिखा-पढ़ी कर नोटरी कराया और रकम दे दी।
मालिक का नाम बदलवाने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले सपा नेता के मोबाइल की घंटी बजी। उसने कुछ दूर जाकर बातचीत की और दीपक से इमरजेंसी कॉल की बात कहकर गाड़ी लेकर चला गया।
दीपक ने शाम तक इंतजार किया। कई बार कॉल की। सपा नेता खुद को व्यस्त बताता रहा। एक होटल में ठहरे दीपक ने रात गुजारी और अगली सुबह फिर कॉल की।
टालमटोल के चलते संदेह होने पर उसने घरवालों को कॉल करके बुलाया और सपा नेता के घर पहुंचा। सपा नेता की गैरमौजूदगी में उसकी मां को उलाहना देने के साथ अपनी रकम का तगादा किया, लेकिन उसने घर पर धावा बोलने के मामले में जेल भिजवाने की धमकी देकर भगा दिया।
दीपक का कहना है कि उसने परिवारीजनों के साथ गाजीपुर थाने में शिकायत की। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल गाजीपुर क्षेत्र से बाहर का बताने के साथ सरोजनीनगर थाने का रास्ता दिखा दिया। टालमटोल से परेशान दीपक सिंह ने एसएसपी से कार्रवाई की मांग की है।