बहराइच में मोतीपुर रेंज के नैनिहा खड़िया गांव निवासी एक वृद्ध रात में नित्यक्रिया के लिए खेत गया था कि तभी तेंदुए ने उसपर हमला कर दिया। वृद्ध ने शोर मचाते हुए तेंदुए से 20 मिनट तक संघर्ष किया। इस दौरान गांव के लोग हांका लगाते हुए पहुंच गए तब किसी तरह उसकी जान बची लेकिन तेंदुए के हमले में वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया।
जख्मी वृद्ध को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मौके पर पहुंचे वनाधिकारियों ने ग्रामीणों को रात में समूह में घर से निकलने की चेतावनी दी है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज अंतर्गत नैनिहा खड़िया गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव निवासी रामकेवल (56) मंगलवार देर रात नित्यक्रिया के लिए खेत को गया था तभी वहां छिपे तेंदुए ने उसपर हमला कर दिया। तेंदुए से संघर्ष करते हुए वृद्ध ने बचाव के लिए शोर मचाया। लगभग 20 मिनट तक वृद्ध और तेंदुए के बीच संघर्ष हुआ।
इस दौरान गांव के लोग हांका लगाते हुए लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ और शोर को सुनकर तेंदुआ वृद्ध को छोड़कर गन्ने के खेत में घुस गया। हमले में रामकेवल बुरी तरह जख्मी हो गए। उनके गर्दन, कंधे, पीठ और हाथ में गहरे जख्म हैं।
रात में ही हमले की सूचना पाकर जालिमनगर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। चौकी इंचार्ज मनोज सिंह ने तेंदुए के हमले में जख्मी रामकेवल को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाया। यहां पर प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर रामकेवल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले की जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है।