लखनऊ। कैंट थानाक्षेत्र के ग्राम लिलवथा बाजार निवासी 73 वर्षीय नसीर अहमद वृद्धावस्था पेंशन के लिए करीब आठ साल से समाज कल्याण कार्यालय के कर्मचारियों व बैंक अधिकारियों के लगा रहे हैं। एक-दूसरे पर कमी टालकर टरका देने के कारण उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नसीर ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन अपने नाम का हस्ताक्षर भर कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि दस साल पहले उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन का फाॅर्म भरा था। करीब दो साल तक पेंशन खाते में आती भी रही। तब पेंशन खाते से आधार लिंक नहीं हुआ करता था। आधार से लिंक अनिवार्य होने के बाद जब उन्होंने उसे लिंक कराया तो उनकी पेंशन आनी बंद हो गई।
पूछने पर बताया गया कि आधार में नसीर अहमद की जगह निसार अहमद लिखा होने के कारण ऐसा हुआ है। आधार सही कराया। दोबारा फाॅर्म भी भरा, लेकिन पेंशन नहीं आ रही। विकास भवन में समाज कल्याण दफ्तर के बाहर मिले निसार ने बताया कि समाज कल्याण कार्यालय के कर्मचारी उन्हें बैंक और बैंक के अधिकारी समाज कल्याण कार्यालय की कमियां बता एक-दूसरे के पास भेज देते हैं। दर्जनों चक्कर के बाद भी पेंशन नहीं मिल रही है।
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Iकुछ मामलों में आवेदक मोबाइल नंबर या तो गलत फीड करवा देते हैं या फिर अपना नंबर भूल जाते हैं। इससे ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण आवेदन आगे नहीं बढ़ पाता। नसीर अहमद के मामले की जांच कराई जाएगी। जो कमियां होंगी, उसे दूर कर पेंशन दिलाई जाएगी।I
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- अंजनी कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारीI