सेफ्टी से जुड़ी बारीकियां सीखीं
लखनऊ। उत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से ओवरहेड इक्विपमेंट(ओएचई) अपग्रेडेशन कार्यों के लिए सेफ्टी व गुणवत्ता सुधार शिविर आयोजित किया। इसमें 550 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार शामिल थे। यह पहल निर्माणाधीन ढांचागत परियोजनाओं में संरक्षा संस्कृति और गुणवत्ता सजगता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि जालंधर, अंबाला, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल में शिविर लगाए गए। इसमें 42 अधिकारी, 169 मंडलीय टीआरडी कर्मचारी, 112 प्रोजेक्ट यूनिट के कर्मचारी और 227 ठेकेदार-एजेंसी के कर्मचारी शामिल रहे। सत्रों के दौरान तकनीकी प्रस्तुतियां और इंटरैक्टिव चर्चाएं भी हुईं। इनमें कर्मचारी संरक्षा, रेलवे परिचालन और बुनियादी ढांचे की संरक्षा पर जोर दिया गया। निर्माण और संस्थापन में गुणवत्ता, ओएचई और पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन(पीएसआई) कार्यों का सुरक्षित निष्पादन भी मुख्य बिंदु थे। आपातकालीन तैयारी और भूमिकाओं व जवाबदेही को भी स्पष्ट किया गया। इस अभियान ने संरक्षा और गुणवत्ता को प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। रेलवे अधिकारियों, प्रोजेक्ट यूनिटों और अनुबंधित एजेंसियों के बीच संवाद को बढ़ावा मिला। इससे काम शुरू होने से पहले खतरों की पहचान करने और जोखिम कम करने में मदद मिली।