डेंगू के मामले में हर कदम पर गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले स्वास्थ्य विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए हाईकोर्ट में भी झूठ बोलने से गुरेज नहीं किया।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से कुल 67 मौतों का रिकॉर्ड इकट्ठा किया लेकिन कोर्ट में गिनाईं सिर्फ नौ मौतें। सीएमओ के पास कुल 31 मौतों का रिकॉर्ड है लेकिन उन मौतों को डेंगू मानने को तैयार नहीं है क्योंकि इन मरीजों की एलाइजा जांच नहीं हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की मानें तो कार्ड और एलाइजा जांच का नियम स्वास्थ्य विभाग का है तो मौतों का सही कारण बताने की जिम्मेदारी भी उसी की है। कार्ड टेस्ट में जिन मरीजों को डेंगू पॉजीटिव आया और उनकी मौत हुई और उनकी एलाइजा जांच नहीं कराई गई तो अब उन मौतों का सही कारण एलाइजा या पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चल सकता है।
सच तो यह है कि डेंगू से मौतों के राज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी लाज बचाने के लिए दबा रखा है। हाईकोर्ट में पेशी के दौरान अफसरों ने अपनी ही रिपोर्ट में हेरफेर किया था।