मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रमण से पहले शासन के अधिकारी जून की तपती दोपहरी में गांवों की खाक छानेंगे। अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी तय समय में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायतें सुनने, समाधान के दावे परखने और निर्माण से जुड़ीं परियोजनाओं की हकीकत की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। ऐसे में यदि पब्लिक फीडबैक खराब रहा तो मुख्यमंत्री का दौरा प्रशासनिक अमले के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी ने 16 जून से 15 जुलाई के बीच मंडल मुख्यालय वाले जिलों के भ्रमण का एलान किया है। मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने इससे पहले प्रत्येक जिले के लिए नामित नोडल अधिकारियों को आवंटित जिलों में 11 से 15 जून के बीच पहुंचकर कार्यों की हकीकत परखने का फरमान सुनाया है।
अधिकारी गेहूं खरीद, गन्ना मूल्य भुगतान, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और गोवंश संरक्षण केंद्र की स्थापना से जुड़े कार्यों की प्रगति जांचेंगे। लोगों से संवाद व समीक्षा बैठकें कर अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक जुटाएंगे।
सरकार ने शासन की ओर से केंद्र व राज्य की प्राथमिकता वाली योजनाओं के साथ जिलों में कार्यों की अपडेटेड सूची तैयार कराई है। इसमें किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र सरकार व राज्य सरकार की कई नई योजनाएं जोड़ी जा रही हैं। इसे सोमवार तक अफसरों को देने की तैयारी है।
इसके बाद अधिकारी दो दिन जिले के कामकाज की जानकारी जुटाने के बाद मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के भ्रमण में काम आएगी।
जो तबादले से बचे उनकी चुनौती ज्यादा बढ़ी
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मंडल भ्रमण के दौरान मुख्यालय के कार्यालयों के अलावा विकास खंड या तहसील का बिना बताए निरीक्षण कर सकते हैं। गेहूं क्रय केंद्र, जिला अस्पताल व शहर की कोतवाली के अलावा किसी स्कूल, सीएचसी-पीएचसी और आंगनबाड़ी केंद्र जा सकते हैं।
भ्रमण में आम लोगों से मुलाकात के दौरान कोई गंभीर शिकायत मिली तो कार्रवाई निश्चित है। ऐसे में जो अफसर तबादले से बचे हैं, उन्हें फील्ड में अच्छे कार्य प्रदर्शन के साथ नजर आना होगा।
मुख्यमंत्री चुनाव बाद से ही दागी और आरोपी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। मंडलायुक्तों व नगर आयुक्तों की मीटिंग में वह मंडलीय भ्रमण के दौरान लापरवाह अफसरों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न करने का संकेत कर चुके हैं।