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यूपी के अफसर बोले, बीमारी-कलह से मरे किसान

Tue, 07 Apr 2015 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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फसलों की बर्बादी के बाद सूबे में डेढ़ सौ से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है। पर, कुछेक को छोड़ दें तो सूबे के ज्यादातर जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों ने कहा कि उनके यहां दैवीय आपदा से कोई नहीं मरा।
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जिलाधिकारियों ने मौतों को तो माना। मौतों पर अपनी डायग्नोसिस भी पेश कर दी। किसी ने कहा, हार्ट फेल हुआ था... फेफड़े की बीमारी थी...। रिपोर्ट ऐसे पेश की मानो डॉक्टर हों। तो कुछ ऐसे भी थे जिनकी डायग्नोसिस कमजोर थी।

सो यह कह दिया, अन्य कारण से मर गया। खुदकुशी की बात आई तो कइयों ने माना कि उनके इलाके में किसान ने मौत को गले लगाया। आग लगाई... फांसी लगाया...। पर आगे का वाक्य यही था-फसलों की बर्बादी की वजह से नहीं, घरेलू कलह के कारण...।
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मौतों पर जिलाधिकारियों के बोल

हमीरपुर की डीएम संध्या तिवारी ने बताया कि आत्महत्या के तीन केस मीडिया में आए थे। दो की मौत पुरानी बीमारी के चलते हुई, जबकि एक ने पारिवारिक कलह के कारण आत्महत्या की।

महोबा के एडीएम ने बताया कि जिले में आत्महत्या का कोई मामला अभी तक सामने नहीं आया है। बरेली के डीएम प्रभांशु ने बताया कि जिले में एक  भी किसान की मौत दैवीय आपदा के कारण नहीं हुई।

पीलीभीत के डीएम ने बताया कि एक किसान की मौत हुई, मगर फेफड़े संबंधी बीमारी के कारण। बदायूं के डीएम शंभुनाथ ने कहा कि आत्महत्या के पांच मामले मीडिया में रिपोर्ट किए गए।

इनमें से तीन ने पारिवारिक कलह के कारण आत्महत्या की, जबकि दो की मौत हार्ट फेल होने से हुई। मिर्जापुर के डीएम का कहना था कि एक किसान नाव पलटने से मरा। उसे मुआवजा दे दिया गया है। कन्नौज के डीएम ने बताया कि दो मौतें हुईं, मगर अन्य कारणों से।

इन्होंने फसल बर्बादी से कुछ मौतें मानीं

झांसी के कमिश्नर के. राममोहन राव ने बताया कि जालौन में एक मृतक किसान के परिवार को सात लाख रुपये की मदद दी गई है। इसके अलावा कहीं कोई प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं मरा है।

मुरादाबाद के डीएम ने कहा कि तीन में से सिर्फ एक किसान की मौत फसल को हुए नुकसान के कारण लगे सदमे से हुई।

बुलंदशहर के डीएम ने बताया कि तीन मौतें हुईं, जिनमें से एक फसल के नुकसान के कारण हुई।  बलिया के डीएम ने बताया कि छह किसानों की दैवीय आपदा के चलते मृत्यु हुई, जिन्हें मुआवजा दे दिया गया है।
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संभल में आत्मदाह करने वाले को मिलेगा मुआवजा

संभल के डीएम ने कहा कि उनके यहां रविवार को एक किसान ने आत्मदाह किया है। वह भूमिहीन है, लेकिन छह बीघा जमीन बटाई पर लेकर उसने टमाटर लगाए थे। 40 हजार रुपये कर्ज भी लिया था। फसल चौपट होने से उसने यह कदम उठाया।

मुख्य सचिव ने उसकी मौत की रिपोर्ट फौरन शासन को भेजने को कहा, ताकि मुआवजा राशि दिलवाई जा सके। हाथरस के जिला प्रशासन ने स्वीकार किया कि उनके यहां फसल को नुकसान के कारण दो किसानों की मौत हुई है।

गोरखपुर के कमिश्नर ने कहा-62 गांवों में जबर्दस्त नुकसान
गोरखपुर के कमिश्नर ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में कुशीनगर के 8 गांव और गोरखपुर की गोला तहसील के 54 गांवों में 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ है। मुख्य सचिव ने फौरन रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा, ताकि संशोधित मेमोरेंडम केंद्र सरकार को भेजा जा सके।
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