शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी अनिवार्य रूप से संपत्तियों का ब्यौरा देना होगा। उन्हें बताना होगा कि उनके व परिवारीजनों के नाम पर कितनी चल और अचल संपत्तियां हैं।
यह ब्यौरा उन्हें निर्धारित प्रारूप पर फैक्स या ई-मेल के जरिये देना होगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी। ब्यौरा न देने या छिपाने की जानकारी मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश के साथ प्रारूप भेज दिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर आए दिन आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप लगते रहते हैं। इस बारे में लोकायुक्त के यहां भी कई अधिकारियों की शिकायतें हो चुकी हैं।
इसलिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय चाहता है कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा परिषद के जितने भी अधिकारी हैं उनकी संपत्तियों का ब्यौरा एकत्र कर लिया जाए ताकि जरूरत पर इसे उच्च स्तर के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।