लखनऊ। बीकेटी स्थित निजी अस्पताल में खून चढ़ाने के दौरान महिला और गर्भ में नौ माह के बच्चे की मौत के मामले में 12 दिन बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जांच कमेटी गठित की है। दो सदस्यीय कमेटी जांच करके पुलिस को रिपोर्ट भेजेगी।
इंटौजा के रहने वाले उमाकांत की पत्नी आशा देवी, नौ माह की गर्भवती थी। हीमोग्लोविन कम होने पर विश्वास अस्पताल के डॉक्टर ने खून चढ़ाने की बात कही। खून चढ़ने के बाद महिला की मौत हो गई। परिजनों के हंगामा करने पर अस्पताल संचालक व स्टाफ भाग निकला।
पति ने बताया कि आशा कार्यकर्ता के कहने पर विश्वास अस्पताल में पत्नी को भर्ती कराया था। आरोप है कि खून चढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये भी लिए थे। इस मामले में ड्रग विभाग ने निजी अस्पताल को नोटिस कर जारी ब्लड बैंक का नाम पूछा है।
परिजनों ने पुलिस से मामले की शिकायत की। पुलिस ने सीएमओ दफ्तर पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी है। विभाग ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। अस्पताल को नोटिस देकर फाइल मांगी है। परिजन व अस्पताल संचालक को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की संस्तुति होगी।