कई किसानों ने 63 बार धान बेचा
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में जिला प्रबंधक के साथ ही अकाउंटेंट परमानंद उपाध्याय, छह क्रय केंद्र प्रभारी, धान ढुलाई में लगे ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच के दौरान पता चला कि 37 क्रय केंद्र पर धान खरीद में घालमेल किया गया। जांच में लगी पुलिस ने करीब 4200 किसानों के खातों की पड़ताल की है। इसमें पता चला कि कई किसानों ने 63 बार धान बेचा है। इनके खाते एक ही हैं, लेकिन ओटीपी के लिहाज से मोबाइल नंबर बदल-बदल कर प्रयोग किया गया है।
एसडीएम के पास थी सत्यापन की जिम्मेदारी
खरीद हुई नहीं, ढुलाई में लाखों खर्च
धान खरीद में पीसीएफ के अधिकारियों के साथ ही क्रय केंद्र प्रभारियों और ढुलाई में लगे ठेकेदारों की भी मिलीभगत रही। बिना धान खरीदे ही ढुलाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए है। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि ढुलाई में 10 ठेकेदार काम कर रहे थे। इसमें से दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और वे जेल में हैं।
इसी तरह 37 क्रय केंद्रों में से छह केंद्र प्रभारियों को भी जेल भेजा जा चुका है। अब अन्य क्रय केंद्रों से जुड़े डाटा की भी पड़ताल की जा रही है। इन केंद्रों के दस्तावेज और यहां धान बेचने वाले किसानों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस अकाउंटेंट की तलाश में लगी है। उसके लखनऊ स्थित आवास पर भी छापे मारे गए, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
दोषियों के खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी
मामले में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि पीसीएफ के जिला प्रबंधक सहित अन्य लोगों को निलंबित कर जांच शुरू कराई गई। जिला प्रबंधक को बर्खास्त कर दिया गया है। अन्य दोषी विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।