विनियमित राजस्व संग्रह अमीन संघ के नेता सीके द्विवेदी ने बताया कि अलीगढ़ मंडल में अलीगढ़ की एक तहसील कासगंज को छोड़कर बाकी 14 तहसीलों में कहीं वेतन नहीं मिला। इसी तरह भदोही, प्रतापगढ़, फिरोजाबाद, बिजनौर, संभल, एटा, फैजाबाद, हाथरस, इलाहाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ सहित कई जिलों में भी होली के पहले वेतन का भुगतान नहीं हुआ। बाराबंकी में सदर व हैदरगढ़ तहसील में वेतन मिला, बाकी तहसीलों में नहीं मिला।
सीडीपीओ को तो तीन महीने से नहीं मिला वेतन : पांडेय
सीडीपीओ संघ के प्रदेश अध्यक्ष एके पांडेय ने बताया कि सरकार के आदेश पर होली के पहले वेतन भुगतान की बात छोड़ दीजिए, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारियों, मुख्य सेविकाओं और लिपिक श्रेणी के कर्मियों को ज्यादातर जिलों में तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
इलाहाबाद, गोंडा, सोनभद्र, अलीगढ़, बिजनौर, हरदोई, हमीरपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, जौनपुर, महाराजगंज व खीरी में दिसंबर से और एटा व फैजाबाद में जनवरी से वेतन नहीं मिला है। फर्रुखाबाद में नवंबर से ही भुगतान नहीं हुआ। इसी तरह मेरठ, फिरोजाबाद, कुशीनगर, मैनपुरी, चंदौली में भी होली पर फरवरी व पूर्व से लंबित वेतन नहीं मिल सका है। दूसरे जिलों से भी वेतन भुगतान न होने की जानकारी है।
लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि मुरादाबाद व कानपुर नगर को छोड़ दिया जाए तो लेखपालों को प्रदेश के किसी जिले में फरवरी का वेतन भुगतान नहीं हुआ है। कई जिले में तो जनवरी का भी वेतन बकाया है। उन्होंने कहा कि सरकार का आदेश है कि वेतन का भुगतान महीने की पहली तारीख को हो जाना चाहिए। लेकिन, कभी भी वेतन समय पर नहीं मिल पाता है।
जिन जिलों के अफसरों ने आदेश माना, वहां वेतन का भुगतान हो गया : वीरेंद्र
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि जिन जिलों के अफसरों ने सरकार के आदेश को तवज्जो दिया, वहां प्राइमरी शिक्षकों को होली के पहले वेतन का भुगतान हो गया।
देवरिया, महराजगंज, फैजाबाद, कासगंज, शाहजहांपुर, उन्नाव, इटावा, जौनपुर, बदायूं, हाथरस, इलाहाबाद, गाजीपुर, पीलीभीत व सुल्तानपुर जैसे जिलों में होली के पहले वेतन भुगतान हो जाने की सूचना है। इनके अलावा गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती सहित अन्य जिलों में होली के पहले शिक्षकों को वेतन भुगतान नहीं किया गया।