प्रोबेशन पीरियड पूरा कर चुके 2016 बैच के अधिकतर आईपीएस अफसरों को नई तैनाती नहीं मिली है। ये अफसर अब भी अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात हैं। इससे बैच के अफसरों में रोष पनप रहा है लेकिन कार्रवाई के डर से कोई अफसर बोलने को तैयार नहीं है।
दरअसल आईपीएस अफसरों का 4 वर्ष का प्रोबेशन पीरियड होता है। इस दौरान थाने के इंस्पेक्टर से लेकर सीओ और एडीशनल एसपी तक के काम देखने होते हैं। इसके बाद जिलों में तैनाती दी जाती है। लेकिन मौजूदा समय में आईपीएस अफसरों का पूरा ढांचा ही गड़बड़ हो गया है।
जहां पहले पुलिस सेवा में 4 साल पूरा होने से पहले ही जिलों की कमान दे दी जाती थी, वहीं अब 6-7 साल बाद भी इंतजार करना पड़ रहा है। कई आईपीएस 2014 और 2015 बैच के हैं जिन्हें अब तक किसी जिले का चार्ज नहीं दिया गया है। ये अफसर सरकार के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे अफसरों में नाराजगी बहुत है, लेकिन कोई भी अफसर खुल कर बोलने से डर रहा है।
पहले डिलीट किया ट्वीट, फिर अकाउंट ही कर दिया बंद
2014 बैच के आईपीएस गौरव बंसवाल जिन्होंने नान काडर पोस्ट पर एक साल पूरा होने को लेकर ट्वीट किया था उन्हें भी अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ गया। आखिर में उन्हें अपना अकाउंट ही डिलीट करना पड़ गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने अपना अकाउंट खुद डिलीट किया है या फिर किसी दबाव में अकाउंट डिलीट किया गया है।