माध्यमिक शिक्षा परिषद देश के सबसे बड़े बोर्ड के लिए जाना और पहचाना जाता है। सत्ता बदलने के बाद इस विभाग की छवि सुधारने की कवायद शुरू हुई।
तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी को सचिव बनाया गया। लोगों को लगा कि विभाग की छवि अब सुधर जाएगी। इस युवा आईएएस अधिकारी ने काम भी तेजी से शुरू किया, लेकिन अधिक दिन तक नहीं चल सके।
थक-हार कर दूसरे विभाग में अपना ट्रांसफर करा लिया। फिर इस विभाग की कमान दो अधिकारियों को दी गई, लेकिन वे अधिक दिन तक नहीं टिक सके। अब सेटिंग वाले अफसर आए हैं।
बसपा सरकार में भी इस विभाग की कमान इनके पास ही थी। खूब चर्चा बटोरी। जहां-जहां गए इनकी खूब चर्चाएं हुईं। बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण हो या हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट,चर्चा खूब हुई।
सत्ता बदली तो हाशिये पर कर दिए गए, लेकिन सेटिंग और गेटिंग में माहिर इन साहबान ने फिर वही विभाग हथिया लिया। अब उनके नए पैंतरे का इंतजार है।