कृषि भवन में बुधवार शाम वरिष्ठ सहायक श्रीनाथ दीक्षित और सहायक निदेशक (प्रक्षेत्र) वीर प्रताप सिंह यादव के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना से आक्रोशित यूपी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार सुबह हड़ताल की घोषणा कर दी। अधिकारियों व कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया और निदेशक का कक्ष घेरकर आठ घंटे तक धरना-प्रदर्शन, हंगामा व नारेबाजी की।
एसोसिएशन ने वरिष्ठ सहायक को पीटने के आरोपी सहायक निदेशक (प्रक्षेत्र) वीर प्रताप सिंह यादव के निलंबन व स्थानांतरण की कार्रवाई की मांग की है। उधर, सहायक निदेशक और वरिष्ठ सहायक ने एक-दूसरे के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मारपीट, गाली-गलौज और जानमाल की धमकी की एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही का कहना है कि दोनों पक्ष को चोटें आई हैं। जांच की जा रही है।
मारपीट की घटना बुधवार शाम करीब सवा छह बजे की है। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि श्रीनाथ दीक्षित उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) श्रवण कुमार के कक्ष में किसी पत्रावली पर चर्चा करने गए थे। उस वक्त कक्ष में सहायक निदेशक (प्रक्षेत्र) वीर प्रताप सिंह यादव व अन्य अधिकारी मौजूद थे। चर्चा के दौरान ही वीर प्रताप सिंह ने श्रीनाथ दीक्षित के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल शुरू कर दिया।
श्रीनाथ ने विरोध किया तो वह गाली-गलौज करने लगे। कक्ष में मौजूद अधिकारियों ने वीर प्रताप सिंह यादव को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह उग्र हो गए और श्रीनाथ की पिटाई कर दी। श्रीनाथ का आरोप है कि वीर प्रताप सिंह ने उन्हें उठाकर पटक दिया। इससे उनका बायां हाथ टूट गया व चेहरे पर काफी चोटें आईं। अधिकारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया। जानकारी पाकर एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी श्रीनाथ को लेकर निदेशक से मिलने पहुंचे लेकिन, वह ऑफिस से जा चुके थे।
ऑफिस खुलते ही खबर फैली, कामकाज बंद, धरना शुरू
बृहस्पतिवार सुबह ऑफिस शुरू होने पर मारपीट की खबर से असंतोष फैल गया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने काम ठप करा दिया। अधिकारी व कर्मचारी निदेशक के कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि, वह अपने कक्ष में नहीं थे। प्रांतीय अध्यक्ष सत्य प्रकाश त्रिपाठी, महामंत्री मोहन चंद लोहनी व अन्य पदाधिकारियों ने वीर प्रताप सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि वीर प्रताप सिंह यादव को तत्काल निलंबित कर उन्हें सुदूर मंडल से संबद्ध किया जाए। ऐसा न करने पर एसोसिएशन ने आंदोलन की चेतावनी दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि श्रीनाथ के हाथ में फ्रेक्चर होने की बात स्पष्ट नहीं है। मेडिकल कराया जा रहा है।