लखनऊ। इस स्वतंत्रता दिवस पर आसमान तिरंगे के रंग में रंग जाएगा। उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त को एक साथ 4.60 करोड़ तिरंगे लहराने की तैयारी जोरों पर है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने 2.60 करोड़ नए झंडे बनाने का जिम्मा उठाया है, जिसमें गांव की चौपाल से लेकर शहर की गलियों तक सिलाई मशीनें तिरंगा बुनने में जुटी हैं। 4.60 करोड़ तिरंगे झंडे में दो करोड़ तिरंगे पुराने हैं।
पिछले साल 4.5 करोड़ झंडों का रिकॉर्ड था, लेकिन इस बार लक्ष्य और ऊंचा है... एक लाख झंडे अधिक। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूह दो करोड़ झंडे तैयार कर रहे हैं, जबकि शहरी मिशन के तहत 60 लाख झंडे बन रहे हैं।
संस्कृति विभाग की सहायक निदेशक रीनू रंगभारती ने बताया कि बाजार, प्रमुख चौराहों के अलावा इस बार राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ ही डाकघर व पेट्रोल पंपों पर झंडों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए जिले के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। झंडा निर्माण के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं। झंडा निर्माण में सूती, पॉलिस्टर, ऊनी और सिल्क कपड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा।
तिरंगा लाइटिंग से जगमगाएंगे पुल और भवन
13 से 15 अगस्त के बीच तीसरे चरण में सरकारी इमारतों, स्कूलों, बाजारों, दफ्तरों, पुलों और बांधों को तिरंगे की रोशनी से सजाया जाएगा। विभाग की वेबसाइट पर लोग अपने झंडा रोहण की सेल्फी भी अपलोड कर सकेंगे। ताकि तिरंगे का यह जश्न सिर्फ देखा न जाए, बल्कि हमेशा के लिए तस्वीरों में कैद हो जाए।