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UP News: कारोबारी बनने में पिछड़े वर्ग के युवा सबसे आगे, सीएम युवा उद्यमी में लोन लेने में 50 फीसदी हिस्सेदारी

Tue, 10 Mar 2026 08:27 AM IST
Bhupendra Singh अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में कारोबारी बनने में पिछड़े वर्ग के युवा सबसे आगे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान में ओबीसी अव्वल है। करीब 50 फीसदी लोन इसी वर्ग को मिला है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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CM Yogi Adityanath - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवाओं की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। योजना की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अब तक दिए गए कुल ऋण में करीब 49.8 प्रतिशत लाभार्थी ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि अनुसूचित जाति (एससी) के 14.5 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 0.3 प्रतिशत युवाओं को भी योजना का लाभ मिला है। यानी कारोबारी बनने वाले दो तिहाई युवा ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग के हैं। खास बात ये है कि 7 मार्च तक 1.23 लाख से अधिक युवाओं को लगभग 14,775 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।

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योजना के सामाजिक आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस योजना में ओबीसी वर्ग के युवाओं ने सबसे अधिक लाभ उठाया है। कुल वितरित ऋण में 49.8 प्रतिशत हिस्सेदारी ओबीसी वर्ग की है। अब तक लगभग 61 हजार से अधिक ओबीसी लाभार्थियों को करीब 7,300 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। वहीं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की हिस्सेदारी 14.5 प्रतिशत है। इसके तहत करीब 17 से 18 हजार एससी युवाओं को लगभग 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।

किस वर्ग को कितना लोन मिला

अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के भी युवाओं को योजना से लाभ मिला है। कुल ऋण वितरण में 0.3 प्रतिशत हिस्सेदारी एसटी वर्ग की दर्ज की गई है, जिसके तहत करीब 350 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 40 करोड़ रुपये के आसपास वित्तीय सहायता मिली है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के लाभार्थियों की हिस्सेदारी 33.3 प्रतिशत तथा अल्पसंख्यक वर्ग की लगभग 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई है। 

योजना के क्षेत्रवार आंकड़े बताते हैं कि सेवा क्षेत्र में 62.4 प्रतिशत परियोजनाओं को ऋण मिला है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 37.6 प्रतिशत परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी गई है। सीएम युवा उद्यमी योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला के मुताबिक लैंगिक आधार पर देखें तो 71.7 प्रतिशत लाभार्थी पुरुष और 28.3 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे स्पष्ट है कि योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

एक नजर में सीएम युवा योजना

  • 3.66 लाख से ज्यादा आवेदन
  • 3.12 लाख आवेदन बैंकों के पास
  • 1.27 लाख आवेदनों को बैंकों की मंजूरी
  • 1.23 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित
  • 14,775.23 करोड़ रुपये का ऋण वितरित
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