अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की जिन चयन प्रतियोगिताओं के लिए कंप्यूटर के ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र की मांग की गई है, उनमें नीलिट व विश्वविद्यालय से जारी प्रमाणपत्र ही मान्य होंगे। अन्य किसी संस्था के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे। आयोग ने वर्ष-2016 में विज्ञापित सहायक लेखाकार व लेखा परीक्षक पद के इंटरव्यू में यह व्यवस्था लागू कर दी है।
आयोग के चेयरमैन सीबी पालीवाल ने बताया कि वर्ष-2016 में विज्ञापित निदेशक आंतरिक लेखा व लेखा परीक्षा, अधिशासी निदेशक राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद और निदेशक स्थानीय निधि लेखा परीक्षा के नियंत्रण वाले सहायक लेखाकार व लेखा परीक्षक पदों में भर्ती का प्रकरण सामने आया है।
इन पदों केलिए अनिवार्य अर्हता में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से कंप्यूटर संचालन में ‘ओ’ लेवल डिप्लोमा भी शामिल है।
आयोग ने इन पदों केइंटरव्यू कराने का निर्णय करने के साथ इस पर भी विचार किया कि ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र कौन-कौन सी संस्थाएं दे रही हैं। पड़ताल में पता चला कि कंप्यूटर संचालन में ‘ओ’ लेवल डिप्लोमा की अर्हता की समकक्षता संबंधी कोई शासनादेश नहीं है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नीलिट) ने 12 अप्रैल-2018 के पत्र में बताया है कि ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र जारी करने के लिए उसने किसी भी अन्य संस्था को अधिकृत नहीं किया है।
ऐसे में आयोग ने निर्णय लिया है कि इन पदों के लिए ‘ओ’ लेवल डिप्लोमा की अर्हता के रूप में सिर्फ नीलिट द्वारा जारी प्रमाणपत्र ही स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा, आयोग ने ऐसे ‘ओ’ लेवल प्रमाणपत्र भी स्वीकार करने का निर्णय किया है जो विश्वविद्यालयों द्वारा जारी किए गए हों। पालीवाल ने बताया कि सरकार के स्तर से जब तक कोई नए दिशा निर्देश जारी नहीं होते हैं, तब तक ‘ओ’ लेवल के संबंध में यही व्यवस्था अमल में लाई जाएगी।