राज्य सरकार ने प्रदेश में कुपोषित बच्चों को दिए जा रहे पोषाहार को सीलबंद पैकेट में ही बांटने का फैसला किया है। इस पैकेटबंद पोषाहार का पानी, दूध या जूस के साथ खाने में इस्तेमाल हो सकेगा।
इससे जहां कुपोषित बच्चों को स्वच्छता के साथ संतुलित आहार मिलेगा, वहीं प्रदेश में कुपोषण की स्थिति में भी तेजी से कमी आएगी। इतना ही नहीं, बाजार में पोषाहार की अवैध बिक्री रोकने के लिए भी कड़े कदम उठाने का निर्णय किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शास्त्री भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
यहां बता दें कि पोषाहार वितरण में घपले को लेकर हाल ही ‘अमर उजाला’ ने खास मुहिम चलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मुफ्त बांटे जाने वाला बच्चों का पोषाहार गलत तरीके से बाजार में बेच दिया जाता है। अब इन पैकेटों पर ‘नॉट फॉर सेल’ लिखा रहेगा, ताकि इस पोषाहार को बाजार में न बेचा जा सके।