किंग जार्ज मेडिकल यूनिवसिर्टी (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर में आग के कारण मौतों का आंकड़ा 15 पहुंच गया है। लेकिन, केजीएमयू प्रशासन अपने अड़ियल रवैए से हटने का नाम नहीं ले रहा है।
अधिकारी साफ तौर इन मौतों का कारण आग को मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आग से कोई प्रभावित नहीं है तो जिला प्रशासन की रिपोर्ट में जो दावा किया गया है, वो किस आधार पर है।
दूसरा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री की ओर से जो मुआवजे की घोषणा की गई है वो किसके लिए की गई है। इन सारे सवालों पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
15 जुलाई को आग की घटना के बाद एक के बाद एक मौतों का आंकड़ा सामने आ रहा है। अधिकारी इन घटनाओं से साफ तौर पर इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौते हैं। ट्रामा सेंटर में हर दिन कम से कम सात से आठ मरीजों की मौत होती है।