लखनऊ। खानपान का असर दांतों पर भी पड़ रहा है। पहले जहां लोगों के 32 दांत निकलते थे वहीं अब ज्यादातर लोगों के 28 दांत ही निकल रहे हैं। इसकी वजह पर शोध शुरू हो गया है। यह कहना है केजीएमयू के कंजरवेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. एपी टिक्कू का। वह कलाम सेंटर में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. टिक्कू ने बताया कि करीब 16 साल की उम्र तक दांत निकलते हैं। इस उम्र तक 28 दांत निकलते हैं। फिर 18 की उम्र में जबड़े के पिछले हिस्से में चार दांत निकलते हैं। इस तरह कुल मिलाकर 32 दांत हो जाते हैं, लेकिन अब जबड़े का विकास कम हो पा रहा है। इससे दांतों की संख्या घट रही है। जबड़ा न बढ़ने पर शुरुआती दौर में 28 के बजाय 24 या 26 दांत निक लते हैं। युवावस्था तक यह संख्या 28 तक ही पहुंच पाती है। इस पर शोध किया जा रहा है। डॉ. टिक्कू का यह भी तर्क है कि पहले लोग कड़ी चीजें ज्यादा सेवन करते थे। गन्ना चूसते थे। कच्ची चीजें खाते थे। इससे जबड़ा सक्रिय रहता था और उसका विकास हो जाता था। अब ऐसा नहीं हो पा रहा है। कार्यशाला में डॉ. अनिल चंद्रा ने बताया कि दांतों के रखरखाव को लेकर बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अब कड़ी चीजों का सेवन कम करने की वजह से दांतों की उम्र भी घट रही है। मसूढे कमजोर हो रहे हैं। डॉ. नमिता शुक्ला ने बताया कि जो लोग रात में नियमित तौर पर ब्रश करते हैं, उनकेदांत ज्यादा मजबूत होते हैं। इस दौरान हुई प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार डॉ. कीर्थना को मिला। डॉ. रितिका यादव को दूसरा व डॉ. नेहा व डॉ. ज्योति को तीसरा पुरस्कार मिला।