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Lucknow News: सख्त परीक्षा ने रोकी रफ्तार, 64 से घटकर 43 हुए नए सीए

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गोमती नगर ​स्थित आईसीएआई भवन में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया चैप्टर की ओर से सी
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लखनऊ। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की ओर से घोषित सीए फाइनल मई 2026 परीक्षा परिणाम में राजधानी को इस बार 43 नए चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) मिले हैं। यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 32.81 प्रतिशत कम है। पिछले साल शहर को 64 नए सीए मिले थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार परीक्षा का स्तर पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जिसका असर परिणामों पर भी दिखाई दिया।
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लखनऊ चैप्टर के चेयरमैन सीए अश्वनी जायसवाल ने बताया कि लखनऊ केंद्र से 624 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से 43 ने सीए फाइनल परीक्षा में सफलता हासिल की। इनमें 21 अभ्यर्थियों ने दोनों ग्रुप एक साथ पास किए, जबकि 22 अभ्यर्थी पहले एक ग्रुप उत्तीर्ण कर चुके थे और दूसरे ग्रुप में सफलता हासिल कर अब सीए बने हैं।

उन्होंने बताया कि आमतौर पर देशभर में हर बार करीब 14 हजार नए सीए बनते हैं लेकिन इस बार केवल 7,931 अभ्यर्थी ही सीए फाइनल परीक्षा पास कर सके। इसी तरह लखनऊ में भी हर साल 64 से 75 तक अभ्यर्थी सफल होते थे जबकि इस बार यह संख्या 43 पर सिमट गई।
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हालांकि कठिन परीक्षा के बावजूद राजधानी के मेधावियों ने शानदार प्रदर्शन किया। राहुल चौरसिया ने 369 अंक हासिल कर सिटी टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। श्रुति गोयल 350 अंकों के साथ दूसरे और अरशद खान 345 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यशस्व अग्रवाल 337 अंकों के साथ चौथे और हर्ष अग्रवाल 333 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे।

रटकर पढ़ने वालों के लिए आसान नहीं थी राह

- सफल अभ्यर्थियों के अनुसार इस बार परीक्षा में रटकर पढ़ने वालों के लिए राह आसान नहीं थी। सिटी टॉपर राहुल चौरसिया ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर काफी कठिन था और केवल थ्योरी पढ़ना पर्याप्त नहीं था। उन्होंने सभी प्रश्नों को कई बार स्वयं हल कर तैयारी की। राहुल ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता राजमती और हरिलाल के साथ भाई के सहयोग को दिया।

- चौथे स्थान पर रहे यशस्व अग्रवाल ने कहा कि उन्नत वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट जैसे पेपर काफी चुनौतीपूर्ण रहे। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करने वाले यशस्व ने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई की और इसका श्रेय अपने माता-पिता नीतू और संजीव अग्रवाल को दिया।

- पांचवें स्थान पर रहे हर्ष अग्रवाल के अनुसार प्रश्नपत्र के वर्णनात्मक और वस्तुनिष्ठ दोनों भागों में सवाल काफी विस्तृत थे, जिससे समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया था। उन्होंने भी पहले प्रयास में सफलता हासिल की और बताया कि उन्होंने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे अध्ययन किया।

सफलता मिली, लेकिन रैंक नहीं

सफल अभ्यर्थी अरीबा फातिमा ने कहा कि इस बार परीक्षा में वास्तविक जीवन के परिदृश्यों पर आधारित केस स्टडी पूछी गईं, जिससे पारंपरिक तरीके से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कठिनाई हुई। वहीं बलजीत सिंह का मानना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया भी काफी सख्त रही, जिससे चुनिंदा विषयों की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की मुश्किल बढ़ी। सफल अभ्यर्थी वास्तविका तिवारी ने बताया कि कठिन परीक्षा के बावजूद सफलता मिलने की खुशी खास है। उन्होंने कहा कि कक्षा नौ में ही उनके पिता ने उन्हें सीए बनने का लक्ष्य दिया था, जिसे अब उन्होंने हासिल कर लिया है।

सफलता को मिला सम्मान

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की लखनऊ शाखा ने कॉन्वोकेशन मई 2026 का आयोजन कर नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सम्मानित किया। समारोह में सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा, सीए अंकुर गोयल, लखनऊ शाखा अध्यक्ष सीए अश्वनी जायसवाल और सचिव सीए आशीष गुप्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी केवल एक पेशा नहीं, बल्कि विश्वास, अनुशासन और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
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