राजधानी लखनऊ में जालसाजों ने मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर एनआरआई, उनकी बहन व रिटायर्ड बैंक अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर तीनों से 2.90 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने नरेश गोयल के मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी बताकर झांसे में लिया था। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कनाडा निवासी सुमन कक्कड़ कुछ माह पहले इंदिरानगर सेक्टर-एफ अपने घर आई थीं। 25 नवंबर को सुबह दस बजे उनके पास अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी अभिषेक चौहान बताया।
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ठग बोला- गोपनीय जांच में सहयोग करना होगा
उसने कहा कि तुम्हारे क्रेडिट कार्ड से जेट एयरवेज के मालिक व मनी लांड्रिंग मामले में आरोपी नरेश गोयल के खाते में 1.13 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। नरेश और आपके आतंकवादियों से संबंध हैं। यह सुनकर सुमन घबरा गईं। ठग ने कहा कि इस समस्या से निकलने के लिए गोपनीय जांच में सहयोग करना होगा। झांसे में लेकर आरोपी ने सुमन से पूछताछ शुरू कर दी।
चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा
अगले दिन सुमन से मिलने उनकी छोटी बहन विनय थपलियाल आ गईं। वीडियो कॉल पर विनय को देखकर ठग ने उनसे कहा कि तुम्हारा सुमन के घर आना जाना रहता है। इसलिए तुम भी दोषी हो, तुमसे भी पूछताछ होगी। इस तरह दोनों बहनों को चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
एफडी तुड़वाकर तीन खातों में मंगवाई रकम
ठग ने सुमन से कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए तुम्हें और तुम्हारी बहन को एफडी तुड़वाकर बताए गए तीन खातों में रकम ट्रांसफर करनी होगी। घबराई दोनों बहनों ने 1.88 करोड़ रुपये बताए खातों में ट्रांसफर कर दी। बाद में ठगी का अहसास होने पर साइबर क्राइम थाने पर शिकायत की।
इन खातों में ट्रांसफर हुई रकम
26 नवंबर को सुमन ने अपने एसबीआई बैंक अकाउंट से बंधन बैंक खाता संख्या-20100031471227 में आरटीजीएस के जरिये 17 लाख ट्रांसफर किए।
उसी दिन एचडीएफसी बैंक अकाउंट से बंधन बैंक खाता संख्या-20100034057021 में 14 लाख 77 हजार रुपये डाले। फिर पीएनबी बैंक अकाउंट से बंधन बैंक के खाता संख्या-20100031684971 में 14.20 लाख डाले।
28 नवंबर को सुमन की बहन विनय ने अपने एसबीआई बैंक अकाउंट से आईसीआईसीआई बैंक में 1.42 करोड़ ट्रांसफर किए।
रिटायर्ड बैंक अधिकारी से हड़पे एक करोड़ दो लाख
बाजारखाला के ऐशबाग रोड निवासी केनरा बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी प्रभात कुमार घर में अकेले रहते हैं। उनके पास 26 नवंबर को व्हाट्सएप कॉल आई थी। फोनकर्ता ने अपना परिचय मुंबई सीबीआई अधिकारी अजय कुमार बंसल बताया। उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल गलत काम में होने और मनी लांड्रिंग मामले में नाम आने की बात कही।
ठग ने गोपनीय जांच के नाम पर उन्हें तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर बचाने के बदले रकम की मांग की। हामी भरने पर उनसे एफडी पर लोन लेकर रकम ट्रांसफर करने को कहा। पीड़ित ने ठग के बताए दो खातों में 1.02 करोड़ रुपये डाल दिए। बाद में उनको ठगी का अहसास हुआ।