सूबे में पहली बार आयोजित हो रहे यूपी प्रवासी दिवस समारोह को लेकर विभागीय अफसरों का गैर जिम्मेदारान रवैया सामने आया है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (नापा) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सतनाम सिंह चहल समारोह में शामिल होने अमेरिका से आए थे, लेकिन अफसरों का रेस्पांस न मिलने से वे अपने गृह शहर जालंधर लौट गए।
प्रवासी दिवस समारोह के संयोजक कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने इस पर खेद जताया है। चहल का कहना है कि वे यूपी के एनआरआई डिपार्टमेंट के आमंत्रण पर प्रवासी दिवस समारोह में शामिल होने अमेरिका से आए थे। इसके लिए न सिर्फ यात्रा पर खर्च किया बल्कि रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में 100 अमेरिकी डॉलर भी चुकाए।
अमेरिका से दिल्ली पहुंचने के बाद कार्यक्रम से जुड़ी जानकारियों के लिए एनआरआई विभाग के अफसरों को कई ई-मेल किए, मगर अफसरों ने कोई जवाब नहीं दिया।
रेस्पांस नहीं मिला तो वापस लौट गए
चहल के मुताबिक ,रेस्पांस नहीं मिला तो वे दिल्ली से अपने गृह शहर जालंधर चले आए। रविवार को उनके पास एनआरआई विभाग के अधिकारी आरबी वर्मा का फोन आया जब कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने खुद हस्तक्षेप किया। वर्मा उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए कह रहे थे। अब जालंधर से तुरत-फुरत में आगरा पहुंचना संभव नहीं है।
चहल का कहना है कि उन्होंने वर्मा को बता दिया कि यदि उन जैसे अफसरों के हाथ में ही प्रदेश को आगे ले जाने का काम है, तो सूबे के भविष्य के बारे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। चहल ने पूरा वाकया एक ई-मेल के जरिये बयां किया है। सूबे के अफसरों के रवैये से बेहद क्षुब्ध नजर आ रहे चहल ने कहा कि हमारी ब्यूरोक्रेसी ही विकास में मुख्य बाधक है।
हमारे पास 100 डॉलर देकर रजिस्ट्रेशन कराने वाले अप्रवासियों में चहल का नाम नहीं है। हालांकि मुझे जब उनके आने की जानकारी हुई तो फोन कर समारोह में पहुंचने का आग्रह किया था।
आरबी वर्मा, प्रभारी एनआरआई सेल
एनआरआई के लौटने पर यूपी के मंत्री ने जताया खेद
मेरे पास आज ही दोपहर एक बजे चहल साहब का फोन आया था। मैंने तत्काल एनआरआई विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी को फोन कर कहा कि उन्हें तुरंत बुलाओ और उनके रहने का बंदोबस्त करो। चहल बहुत कीमती आदमी हैं।
उनके जैसे लोग हमारे सिर के ताज हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का विशेष हुक्म था कि जो भी एनआरआई बुलाए जा रहे हैं, वे उनके विशेष मेहमान हैं।
लग रहा है कि अधिकारी के स्तर पर कम्युनिकेशन गैप हो गया। इसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं। चहल साहब से संपर्क करने के लिए मैं लगातार व्यक्तिगत प्रयास कर रहा हूं। कोशिश करूंगा कि वे समारोह में जरूर आएं।
बलवंत सिंह रामूवालिया, कारागार मंत्री