एनआरएचएम घोटाले की जांच में सीबीआई के सामने कई जिलों और अस्पतालों में
दवा तथा उपकरणों की खरीद व सप्लाई के साथ ही निर्माण कार्य में भी जमकर
धांधली किए जाने के तथ्य सामने आ रहे हैं।
सीबीआई की जांच में इस धांधली
में स्वास्थ्य महानिदेशालय के कुछ और अधिकारियों के फंसने के आसार हैं।
सीबीआई इनके खिलाफ भी साक्ष्य जुटा रही है।
अभी
तक की जांच के नतीजों के आधार पर सीबीआई ने पिछले दिनों पहले स्वास्थ्य
विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव आईएएस प्रदीप शुक्ला के खिलाफ शासन से और
फिर सुल्तानपुर के तत्कालीन सीएमओ समेत आठ के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग से
अभियोजन की सहमति मांगी हुई है।
सीबीआई के
सूत्र बताते हैं कि दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव और
उसके भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े कुछ और अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ
रही है।
सीबीआई कुछ लोगों के बयान दर्ज करने की तैयारी में है। बयान में
तथ्यों की पुष्टि होने के बाद इस मामले की जांच में स्वास्थ्य महानिदेशालय
के कुछ और अधिकारियों के भी फंसने के आसार हैं।
सीबीआई के सूत्र बताते हैं
कि शासन, स्वास्थ्य विभाग से अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद कार्रवाई की
जाएगी।