घरेलू एलपीजी कस्टमरों को डीबीटीएल का लाभ दिलाने के लिए 26 जनवरी से एनपीआर फार्म उपलब्ध कराने की शुरुआत की जाएगी। हालांकि गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते यह काम 27 जनवरी से ही शुरू होगा।
प्रशासन एनपीआर फॉर्म का फार्मेट सभी प्रमुख अखबार में प्रकाशित कराने के साथ ही एनआईसी की वेबसाइट से डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध करवाएगा।
डीबीटीएल कार्ययोजना के लिए गठित जिला स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी के नोडल अधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व संजय कुमार सिंह यादव ने बताया गैस वितरक व यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन के पदाधिकारियों के साथ प्राथमिकता पर आधार कार्ड बनवाने पर चर्चा की गई।
यूपी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन के अध्यक्ष यूपी सिंह ने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी वितरकों ने एकमत होकर इस में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
उपभोक्ताओं को नहीं होगी दिक्कत
एक पन्ने के एनपीआर फार्मेट में मुख्य तौर पर गैस उपभोक्ता का नाम, पता, गैस एजेंसी का नाम इलाका, कंज्यूमर नंबर सहित कुछ अन्य जरूरी सूचनाएं दर्ज करनी होगी। भरे हुए फार्म के साथ आवेदक को गैस उपभोक्ता प्रमाण के बतौर चार में से कोई एक प्रपत्र अनिवार्य तौर पर लगाना होगा।
इसके लिए आवेदक गैस कनेक्शन के पेपर की फोटो कापी, तेल कंपनियों द्वारा दी जाने वाली बीसीसीसी बुक की फोटोकॉपी, एसवी सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी दे सकता है। अगर किसी उपभोक्ता के गैस कनेक्शन से जुड़े उक्त तीनों प्रपत्र खो गए हो और न मिल रहे हो तो वे परेशान न हो।
उन्हें बस एक सादे कागज पर अपना नाम पता, कंज्यूमर एलपीजी नंबर लिख कर संबंधित गैस एजेंसी से प्रमाणित कर फार्म के साथ जमा करना होगा।
फोन न हो तो एजेंसी से मिलेगी जानकारी
गैस कनेक्शन संबंधी प्रमाण के साथ भरे हुए फार्म गैस एजेंसी पर जमा कराने वाले उपभोक्ताओं को एजेंसी स्तर से फार्म रिसीविंग स्लिप दी जाएगी।
इसमें दर्ज नबंर के आधार पर भी भरे हुए फार्म का डाटा बेस तैयार हो जाने के बाद शिविर में बॉयोमीट्रिक पंजीयन कराने के लिए भेजे जाने वाला एसएमएस उपभोक्ता को मिलेगा।
मसलन रिसीविंग स्लिप पर एक से सौ नबंर तक दर्ज है तो उसे पहले दिन ही और पांच सौ से ऊपर नबंर वाले को दूसरे या तीसरे दिन बॉयोमीट्रिक जांच के लिए बुलावा आएगा।
अगर किसी गैस उपभोक्ता के पास कोई मोबाइल नंबर नहीं है तो वे संबंधित एजेंसी से जानकारी कर सकते हैं।