लखनऊ। राज्य संग्रहालय नवाबी और पारंपरिक पहनावे में शुमार जामदानी, जरदोजी और कामदानी कढ़ाई की बारीकियों पर विशेष कार्यशाला कराएगा। इसमें चिकनकारी पर विशेष प्रशिक्षण लेने वाले युवा उद्यमियों को भी शामिल होने का अवसर मिलेगा। जल्द ही इसकी तिथि जारी की जाएगी।
राज्य संग्रहालय ने बीते सप्ताह चिकनकारी कढ़ाई पर नौ दिवसीय विशेष कार्यशाला कराई थी। इसमें महाराष्ट्र, कोलकाता, लखनऊ के युवा उद्यमियों के साथ कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी प्रतिभाग किया था। इसी के तहत कार्यशाला के अगले चरण में जामदानी, ब्रोकेड, मखमल, जरदोजी, कामदानी व अवध के अन्य वस्त्र अलंकरण के बारे में बताया जाएगा।
राज्य संग्रहालय के अधिकारियों ने बताया कि अवध के विशेष वस्त्र अलंकरण में शामिल जामदानी को छोटे फूलों की बूटियों की शैली और पुष्प पैटर्न के गुच्छों से सजाया जाता है। ब्रोकेड कारीगरी में रेशम और जरी का विशेष महत्व है। इसी तरह मखमल कारीगरी में मोतियों और कीमती पत्थरों के जरिये कढ़ाई होती है। जरदोजी एवं कामदानी में सितारा, सलमा कारीगरी व अन्य अवधी कला का उपयोग किया जाता है।