यूपी में बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी कर दी गई है लेकिन इसके साथ ही कुछ नए बदलाव भी हो रहे हैं। नए टैरिफ में विद्युत नियामक आयोग ने एडवांस बिल जमा करने की भी योजना लॉन्च की है। इसके तहत बिल के समायोजन के बाद बचे पैसे पर ब्याज दिया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर आपने यदि 20 हजार रुपये जमा किए हैं और आपका बिल तीन हजार रुपये ही आया है तो बचे हुए 17 हजार रुपये पर आपको रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रावधानों के अनुसार 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा।
ऑनलाइन बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को 4000 रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर नेट बैंकिंग का लगने वाला चार्ज अब नहीं लगेगा। इसकी भरपाई पावर कार्पोरेशन करेगा।
पैसे निकलवाने के दूसरे रास्ते भी
बिजली की कमी से बेहाल रहने वाले इलाकों के उपभोक्ताओं की जेब से पैसे निकालने का विद्युत नियामक आयोग ने एक दूसरा रास्ता भी निकाल लिया है। टैरिफ में शिड्यूल से ज्यादा बिजली दिए जाने पर वहां के उपभोक्ताओं से दो फीसदी बिजली दर बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
यानी किसी जिले में आठ घंटे सप्लाई का शिड्यूल है और वहां पर 14 घंटे बिजली दी जाने लग जाती है तो बिजली कंपनियां वहां के उपभोक्ताओं से दो प्रतिशत अधिक बिजली का रेट ले सकेंगे।
टाइम ऑफ डे के तहत रात 10 से सुबह छह बजे तक प्रोडक्शन करने वाले उद्योगों को बिजली के बिल में 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। अब तक यह छूट 7.5 प्रतिशत ही थी। हालांकि उद्योगों को यह छूट तभी मिलेगी जब वे पीक ऑवर के समय अपने लोड का मात्र 15 फीसदी बेस लोड का इस्तेमाल करेंगे।
पीक ऑवर में ज्यादा बिल
पीक ऑवर में बिजली इस्तेमाल करने पर बिल भुगतान का रेट अलग होगा। पीक ऑवर शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक बिजली का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को 15 फीसदी अधिक बिल देना होगा।
बकाया बिजली के बिलों के लिए 2015-16 के टैरिफ में एकमुश्त समाधान योजना खत्म कर दी गई है। नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा का कहना है कि इससे बिल समय से जमा न करने वाले फायदे में रहते थे।
समय पर बिजली का बिल देने वाले उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में छूट मिलती रहेगी। यह छूट कुल बिजली के बिल का 0.25 प्रतिशत है। इस छूट का प्रावधान वर्ष 2014-15 के टैरिफ में एक साल के लिए किया गया था। वहीं सोलर वॉटर हीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली के बिल में 100 रुपये की छूट दी जाएगी।