एकेटीयू : गड़बड़ी रोकने को तीन स्तर पर होगी अटेंडेंस
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) की फाइनल ईयर की परीक्षाएं 8 सितंबर मंगलवार से शुरू हो रही हैं। परीक्षा प्रदेश के 172 केंद्रों पर होगी, जिसमें लगभग 68 हजार स्टूडेंट्स शामिल होंगे। पहले दिन बीटेक की परीक्षा में लगभग 39 हजार स्टूडेंट शामिल होंगे। पिछले साल हुई गड़बड़ी को देखते हुए इस बार विवि ने तीन स्तर की अटेंडेंस करने की व्यवस्था की है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तत्काल पकड़ा जा सके। वहीं परीक्षा में कोरोना संक्रमण से बचाव करना एक बड़ी चुनौती होगी।
विवि प्रशासन ने तय किया है कि इस बार थंब की जगह स्टूडेंट की फेसियल बायोमेट्रिक होगी। दूसरा जब वो क्लास में प्रवेश करेगा तो अटेंडेंस शीट में वो अपनी जानकारी खुद लिखेगा। वहीं परीक्षा कक्ष में ही उसकी ओएमआर शीट पर पड़े कोड, पेपर कोड और एडमिट कार्ड के बार कोड की स्कैनिंग होगी। इससे किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। वहीं बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच परीक्षा के आयोजन में विद्यार्थियों की गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। अगर किसी स्टूडेंट को निर्धारित से अधिक तापमान होगा तो उसे अलग कक्ष में परीक्षा दिलवाई जाएगी। जहां टीचर को भी अतिरिक्त सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं हर पाली के बाद केंद्र का सैनिटाइजेशन करवाने और जगह-जगह विद्यार्थियों के लिए सैनिटाइजर रखवाने को कहा गया है।
छात्र को देना होगा सेल्फ डिक्लरेशन
परीक्षा में शामिल हो रहे हर विद्यार्थी को कोरोना से संबंधित एक सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा, जिसमें वो बताएंगे कि पिछले 14 दिन में उसे सर्दी, खांसी, जुकाम तो नहीं था। वो 14 दिन में किसी कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया। पिछले 14 दिन में कोई देश या विदेश की यात्रा तो नहीं की है। अगर विद्यार्थी में कोरोना के लक्षण होंगे तो उससे आगे परीक्षा देने की अपील की जाएगी।
तीन पाली में परीक्षा, दो घंटे के पेपर
विवि की फ़ाइनल ईयर की परीक्षा एक दिन में तीन पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9 से 11 बजे की होगी जबकि रिपोर्टिंग टाइम 8.30 बजे होगा। दूसरी पाली दोपहर 12 से 2 बजे की होगी जबकि रिपोर्टिंग टाइम 11.30 बजे का होगा। तीसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे की होगी जबकी रिपोर्टिंग टाइम 2.30 बजे का होगा। पहली बार ओएमआर शीट पर एमसीक्यू पैटर्न पर आधारित परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि बीटेक विद्यार्थियों के लिए एक दिन में तीन पेपर देना बड़ी चुनौती होगी, जिसका वो पूर्व में भी काफी विरोध कर चुके हैं।